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छत्तीसगढ़ – सरकार के खिलाफ एक साल आंदोलन नहीं करेगी भाजपा…

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कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा ने एक साल तक कोई बड़ा आंदोलन नहीं करने का फैसला किया है। पहले सरकार को काम करने का पूरा मौका देगी, फिर जनता के हित में सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। बीजेपी के इस फैसले को दो तरीके से देखा जा रहा है। पहला मौजूदा नेतृत्व के साथ संगठन का बड़ा वर्ग खड़ा नहीं है। दूसरा जोगी शासन की तरह पर्याप्त अवसर देने के बाद बीजेपी बड़े जन आंदोलन की शक्ल में सड़क पर उतरेगी। 15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस सरकार को बीजेपी ने फिलहाल अभयदान दे दिया है। राज्य बनने के बाद अजीत जोगी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब लोगों ने विपक्ष के रूप में सदन से सड़क तक आक्रामक बीजेपी को देखा था। अब फिर बीजेपी विपक्ष में है, लेकिन अब तक सरकार के खिलाफ कोई बड़ा आंदोलन खड़ा नहीं हुआ है। 

विपक्ष के रूप में राजनीतिक बयानबाजी ही की जा रही है। मिली जानकारी के मुतािबक बीजेपी ने सरकार को कम से कम सालभर काम करने का अवसर देने का निर्णय लिया है। कुछ दिनों पहले हुई बीजेपी पदाधिकारियों की बैठक में रायशुमारी के बाद यह तय किया गया है।


अविश्वास प्रस्ताव नहीं, आंदोलन की विकल्प : राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद विधानसभा के जो भी सत्र हुए हैं, उसमें बीजेपी विधायकों का आक्रामक रुख रहा, लेकिन वे बार-बार 15 साल की सरकार के दौरान हुई गड़बड़ियों और कमियों पर घिरते रहे। बीजेपी के पास अब महज 14 विधायक हैं। यानी जोगी कांग्रेस और बसपा की मदद के बाद भी सरकार को संकट में डालने के लिए अविश्वास प्रस्ताव काे हथियार नहीं बना सकते। ऐसे में सड़क पर उतरकर आंदोलन करने का ही विकल्प रह जाता है। यही वजह है कि बीजेपी पहले कांग्रेस को गलतियां करने का मौका देगी, फिर आंदोलन की शुरुआत करेगी।


आंदोलन नहीं, संगठन पर फोकस : सरकार को काम करने के लिए समय देना चाहिए। हमारा फोकस सरकार के खिलाफ कोई आंदोलन खड़ा करने के बजाय पहले संगठन को मजबूत बनाने पर है।