Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ : सुपेबेड़ा में जांच कराने में हिचकते हैं ग्रामीण, किडनी के...

छत्तीसगढ़ : सुपेबेड़ा में जांच कराने में हिचकते हैं ग्रामीण, किडनी के साथ दांत भी खराब हो रहे: मंत्री टीएस सिंहदेव

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के किडनी बीमारी से प्रभावित सुपेबेड़ा को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बयान दिया है. मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि जहरीले पानी से सुपेबेड़ा गांव में मौतों को सरकार ने गंभीर रूप से लिया है. लोगों को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के साथ ही स्थानीय युवक को स्वास्थ्य केंद्र में नौकरी दी गई है. उन्होंने बताया कि कई वर्षों से लोग किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं. लोगों में बीमारी का इलाज कराने के लिए भी हिचक है.

टीएस सिंहदेव ने कहा कि सुपेबड़ा में बीमार लोगों की डायलिसिस करने के लिए स्थानीय युवक को सवास्थ्य केंद्र में नौकरी दी है. वहां लोगों मे अभी जागरुकता की कमी है. सरकार उसे भी दूर करने के प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि गांव में जो पानी के नल दूषित पाए गए हैं. उन्हें सील कर दिया गया है. इसके बाद भी गांव में पानी को जांचने का काम लगातार जारी है. उन्होंने बताया कि गांव में दो बार वह खुद एम्स के निदेशक के साथ जाकर दौरा कर चुके हैं. पूर्व में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी जा चुके है. उन्होंने बताया कि आसपास के दूसरे गॉव भी फ्लोराइड की वजह से प्रभावित है. किडनी के साथ बच्चों के दांत भी खराब हो रहे हैं.

बीजेपी का मनोबल गिरा है
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि चित्रकोट उपचुनाव में बीजेपी का मनोबल गिरा हुआ है. दंतेवाड़ा चुनाव में हार की वजह से बीजेपी का मनोबल टूटा हुआ है. सिंहदेव ने कहा कि इस परिस्थिति के बाद भी कांग्रेस चित्रकोट उपचुनाव को आसान नहीं मान रही है. पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के चुनाव प्रचार से दूरी पर उन्होंने कहा कि हो सकता है यह उनकी रणनीति हो, लेकिन जैसे स्थिति नजर आ रही उससे लगता बीजेपी ने चुनाव में सरेंडर कर दिया है. पार्टी को सलाह देते हुए कि चुनाव में अति आत्मविश्वास नही होना चाहिए, चुनाव जीतने के लिए मेहनत करें.