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नारद पुराण: ऐसे लोगों को मृत्यु के बाद फिर नहीं लेना पड़ता है जन्म

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आपको बता दें कि हिंदू धर्म जीवन मृत्यु से जुड़ी कई सारी बातों के बारे में बताया गया हैं वही नारद पुराण में धर्मराज ने राजा भगीरथ को बताया हैं कि किन कार्यों से मनुष्य को मृत्यु के बाद दोबारा जन्म नहीं लेना पड़ता हैं यानी की व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती हैं।

अगर आप भी बार बार जन्म मरण के चक्र से छूटना चाहते हैं तो नारद पुराण की इन बातों से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यह उपाय अधिक कठिन या मुश्किल भी नहीं हैं इसलिए आप बड़ी ही सरलता से इनका लाभ प्राप्त कर सकते हैं नारद पुराण में बताया गया हैं कि एकादशी के दिन जो भी मनुष्य सुगंणित पुष्पों से श्री हरि विष्णु की पूजा आराधना करता हैं वह दस हजार जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता हैं। घी का दीपक भगवान शिव और श्री विष्णु के समक्ष जलाने से गंगा स्नान का पुण्य व्यक्ति को प्राप्त होता हैं।

मनुष्य जिन जिन वस्तुओं को पाने की चाहत रखता हैं उनका दान करे तो आवागमन से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति कर सकता हैं। वही भगवान विष्णु को नियमित तुलसी का पत्ता अर्पित करने वाला विष्णु के लोग में निवास करता हैं। वही सूर्य के पुष्य नक्षत्र में होने पर, गुरुवार के दिन हस्त नक्षत्र होने पर या बुधवार के दिन अष्टमी तिथि होने पर भगवान शिव का दूध से अभिषेक करने वाला मृत्यु के बाद शिवलोक में जाता हैं। सोमवार के दिन श्रवण नक्षत्र होने पर भी भगवान शिव का दूध से अभिषेक करने वाला व्यक्ति शिवलोक को प्राप्त करता हैं।