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महाराष्ट्र : नए फार्मूले में अब एनसीपी के ज्यादा मंत्री, आज मोदी-शाह के सामने होंगे उद्धव…

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महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी की सरकार में मंत्री पदों के बंटवारे का नया फार्मूला सामने आया है। इसके मुताबिक शिवसेना को मुख्यमंत्री पद मिलने के बाद मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा मंत्री पद अब एनसीपी के रहेंगे। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल में शिवसेना के 15 मंत्री जबकि एनसीपी के 16 व कांग्रेस के 12 मंत्री रहेंगे। बताया जाता है कि शिवसेना के 11 कैबिनेट और चार राज्यमंत्री होंगे। एनसीपी के 12 कैबिनेट और चार राज्यमंत्री रहेंगे। इस तरह एनसीपी को पहले तय फार्मूले से एक कैबिनेट मंत्री पद अधिक मिलेगा। जबकि कांग्रेस को नौ कैबिनेट और तीन राज्यमंत्री पद मिल सकते हैं। हालांकि अभी यह अंतिम निर्णय नहीं है

क्योंकि जानकारों का कहना है एनसीपी प्रमुख शरद पवार का ‘गेम’ अभी खत्म नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार भाजपा को राज्य में सत्ता के खेल से बाहर करने के बाद पवार अब ‘पावर गेम’ में कांग्रेस-शिवसेना को उलझा रहे हैं। उन्होंने साफ कहा है कि शिवसेना को मुख्यमंत्री पद मिल गया, कांग्रेस को विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी मिल गई। एनसीपी को क्या मिला? हालांकि अभी तय नहीं है कि एनसीपी का उपमुख्यमंत्री कौन होगा।

लेकिन अजित पावर मुख्य दावेदार हैं। जानकारों के अनुसार अपने बयानों से पवार न साफ कर दिया है कि न केवल उद्धव मंत्रिमंडल में एनसीपी के मंत्री ज्यादा होंगे, बल्कि उन्हें खास मंत्रालय भी मिलने चाहिए। इनमें वित्त, गृह, राजस्व और कृषि शामिल हैं।

उद्धव सरकार ने भाजपा के समय शुरू हुए आधे दर्जन काम रोके महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बनी महाविकास आघाड़ी की सरकार ने पिछली भाजपा सरकार के दौरान शुरू हुए कई ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों को रोक दिया है। इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी किए गए। ये ऐसे काम थे जिनमें ग्राम पंचायतों व जिला परिषदों को विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से दो करोड़ से 25 करोड़ तक सहायता राशि मंजूर की गई थी। लेकिन काम अभी शुरू नहीं हुए।

ठाकरे सरकार ने इन योजनाओं की जांच के बाद सहायता राशि वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया। कहा गया कि भाजपा शासन में उन्हीं ग्राम पंचायतों व जिलों में विकास के लिए आर्थिक मदद दी गई, जहां के विधायक भाजपाई थे। शिवसेना, कांग्रेस-एनसीपी के विधायकों के क्षेत्रों को नजरअंदाज किया गया।

ऐसे कई सरकारी विकास कामों को तुरंत रोकने का आदेश सरकार ने जारी किए। इन कामों में गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, कोंकण पर्यटन विकास व गांवों में तीर्थस्थलों का विकास शामिल है।

आज मोदी-शाह के सामने होंगे उद्धव

महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना के अलग होने के जख्म अभी हरे हैं। लेकिन शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आमने-सामने होंगे। राष्ट्रीय पुलिस महानिदेशक कॉन्फ्रेंस छह से आठ दिसंबर तक पुणे में आयोजित है, जिसमें देश भर के डीजीपी शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री सुबह पुणे पहुंच रहे हैं। इस दौरान उद्धव ठाकरे राजकीय प्रोटोकॉल के तहत बतौर मुख्यमंत्री हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करेंगे।

बताया जा रहा है कि मोदी के साथ पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी होंगे। ऐसे में महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद महीने भर चले सत्ता संघर्ष में हुए दोनों दलों के अलगाव के बाद पहली बार उद्धव और मोदी-शाह का आमना-सामना होगा। रोचक बात यह है कि चुनाव प्रचार में मोदी उद्धव को अपना छोटा भाई कहते रहे हैं।

महाराष्ट्र में 16 तक हो जाएगा मंत्रियों के विभागों का बंटवारा : खड़गे

वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया को कहा कि महाराष्ट्र में मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर बात हो रही है और उम्मीद है कि 16 दिसंबर तक इस पर फैसला हो जाएगा। 16 दिसंबर से नागपुर में राज्य विधानसभा का शीत सत्र शुरू होगा। सदन की कार्यवाही छह दिन चलेगी।