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छत्तीसगढ़ : धान खरीदी के मुद्दे पर CM भूपेश बघेल मोदी सरकार पर लगाया ये आरोप…

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दिल्ली के रामलीला मैदान में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा। मंच से भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार किसानों को 2500 रुपये समर्थन मूल्य देना चाहती है, लेकिन मोदी रोक रहे हैं। छत्तीसगढ़ अकेला राज्य है, जहां किसानों को धान के 2500 रुपये दिए गए। इसके कारण पिछले एक साल में किसी भी किसान ने आत्महत्या नहीं की।

बघेल ने कहा कि मोदी सरकार धान की 2500 स्र्पये पर खरीद करने में अड़ंगा लगा रही है, फिर भी छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ न्याय होगा और उनकी जेब में 2500 रुपये आएंगे। इसके बाद भूपेश बघेल ने पीएम मोदी का नाम लिए बिना कहा कि ऐसा लगता है कि बंदर में हाथ में उस्तरा आ चुका है। वो केवल जलाना जानते हैं, केवल काटना और बांटना जानते हैं। नोटबंदी में 125 लोग लाइन में मर गए।

जीएसटी से व्यापारी आत्महत्या करने लगे। अनुच्छेद 370 के बहाने कश्मीर में ताला लग गया। अब कैब के बाद नार्थ ईस्ट जल रहा है। ये देश में आग लगाना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस के लोग जान देना जानते हैं। महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने बलिदान दिया। देश और संविधान को बचाने के लिए हर कांग्रेसी बलिदान देने को तैयार है। बघेल ने इस रैली में राहुल गांधी को आगे लाने की वकालत की। यह भी कहा कि ये राज्यों को जीएसटी के पैसे तक नहीं दे रहे हैं।

धान के लिए बनी चौकियों में अवैध शराब की भी होगी जांच

आबकारी विभाग इन दिनों स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। चुनावी समय होने के कारण दूसरे प्रदेशों से अवैध शराब की बड़े पैमाने पर आवक होने की खबर है। ऐसे में विभाग ने तय किया है कि अब बाहरी धान आने से रोकने के लिए बनी चौकियों में आबकारी विभाग का भी एक कर्मचारी तैनात रहेगा, जो धान के साथ-साथ अवैध शराब की भी जांच करेगा।

मालूम हो कि मध्यप्रदेश की सीमा से सटे होने के कारण जिले में बड़े पैमाने पर वहां से तस्करी के जरिए शराब आने की आशंका बनी रहती है। क्योंकि मध्यप्रदेश में छत्तीसगढ़ की तुलना में शराब सस्ती है। इसके अलावा वहां के शराब ठेकेदार प्रदेश के कोचियों को डिस्काउंट में भी शराब देते हैं।

सहायक आयुक्त आबकारी, विकास गोस्वामी ने कहा कि स्वतंत्र जांच चौकी बनाने के लिए विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है। बाहरी धान आने से रोकने के लिए पहले से ही जांच चौकियां चल रही है। वहां एक कर्मचारी तैनात करके वहां मौजूद स्टाफ के साथ मिलकर अवैध शराब की भी जांच की जाएगी।