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हिंसा के बाद सख्त हुई सरकार, इन 2 नेताओं का हुआ बुरा, लगा दोहरा झटका, जानिए कैसे…

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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कल’ बिहार बंद’ के दौरान तोडफ़ोड़ एवं हिंसक प्रदर्शन करने के आरोप में जिला राजद अध्यक्ष डा. तिरुपति नाथ यादव और युवा राजद अध्यक्ष मो. मेराज अख्तर उर्फ मो.चांद को आज पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने यहां बताया कि राजद द्वारा 21 दिसम्बर के बिहार बंद के दौरान राजद जिलाध्यक्ष डा. तिरुपति नाथ यादव और युवा राजद अध्यक्ष मो. मेराज अख्तर उर्फ मो.चांद पर कई गाडिय़ों में तोडफ़ोड़ करने, जबरन दुकानें बंद करवाने और अशांति फैलाने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।

उन्होंने बताया कि इसी आधार पर इन दोनों नेताओं समेत तीन नेताओं के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई। भारती ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों जिलाध्यक्षों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में चौदह दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसी मामले में कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमें दर्ज किये गये हैं जिनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।

गौरतलब है कि राजद के कल ‘बिहार बंद’ के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया और करीब 12 से अधिक गाड़ियों में तोडफ़ोड़ की थी। इस दौरान दुकानों को जबरन बंद कराने गये कार्यकर्ताओं और दुकानदारों बीच झड़पें हुई । इस मामले में सीसीटीवी फुटेज एवं न्यूज चैनलों की खबरों को आधार बनाकर पुलिस की ओर से जिला राजद अध्यक्ष डा. तिरुपति नाथ यादव, युवा राजद अध्यक्ष मो. मेराज उर्फ चांद और शहजादा के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। हालांकि, राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों अध्यक्षों को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।