Home समाचार वुहान से भारतीयों को निकालने आज जायेंगे भारत के दो विमान, कोरोना...

वुहान से भारतीयों को निकालने आज जायेंगे भारत के दो विमान, कोरोना वायरस का कहर, कर्फ्यू जैसी स्थिति…

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

भारत ने चीन के वुहान शहर से अपने नागरिकों को निकालने की तैयारी कर ली है. बीजिंग में भारतीय दूतावास ने कहा कि हमलोग शुक्रवार शाम में वुहान से लोगों को विमान से लाने की तैयारी में हैं. भारत ने वायरस से बुरी तरह प्रभावित मध्य हुबेई प्रांत से अपने नागरिकों को लाने के लिए चीन से कम से कम दो विमानों के संचालन की अनुमति देने का अनुरोध किया है.

ब्रिटेन को अब तक अनुमति नहीं : ब्रिटेन को अब तक अपने लोगों को वहां से निकालने की परमिशन नहीं मिली है. मंजूरी नहीं मिलने से नाराज ब्रिटेन ने अपने लोगों का वहां से निकालने के लिए सेना भेजने का प्लान बना रही है. लेबर पार्टी के एक सांसद ने चीन के इस रवैये पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि किस तरह कुछ देशों के लोगों को वहां से निकालने की अनुमति मिल रही है, लेकिन हमें नहीं.

पिछले 24 घंटों में 38 मरे, 1700 नये केस आये सामने : चीन में कोरोना वायरस के कारण पिछले 24 घंटों में 38 मौतें हुईं और 1,700 से ज्यादा नये मामले सामने आये. 38 और लोगों की मौत हो जाने के साथ ही इस विषाणु की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 170 हो गयी है.

चीन के बाहर 21 देशों में 104 मामलों की पुष्टि

थाइलैंड 14

जापान 11

हांगकांग 10

सिंगापुर 10

ताइवान 08

मकाऊ 07

ऑस्ट्रेलिया 07

मलयेशिया 07

अमेरिका 05

फ्रांस 05

द कोरिया 04

यूएइ 04

जर्मनी 04

कनाडा 02

वियतनाम 02

भारत 01

तिब्बत 01

नेपाल 01

कंबोडिया 01

श्रीलंका 01

फिनलैंड 01

बिहार के आठ छात्र फंसे खाने-पीने तक का संकट

कोरोना वायरस के कारण चीन के हेनन मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में भागलपुर समेत बिहार के आठ छात्र फंसे हुए हैं. वायरस फैलने की वजह से कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों को कमरे में कैद कर रखा है. छात्रों के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है. ये छात्र दो वर्षों से वहां के मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं.

गोपालगंज 04

सीतामढ़ी 02

बेतिया 01

भागलपुर 01

‘उइगर मुस्लिमों के शोषण की सजा मिली चीन को’

विवादास्पद मुस्लिम धर्मगुरु इलियास शराफुद्दीन ने कहा कि उइगुर मुसलमानों से क्रूरता करने की सजा के लिए अल्लाह ने चीन पर इस वायरस को भेजकर दंडित किया है. बता दें कि चीन ने शिनजियांग क्षेत्र के एक लाख से अधिक उइगुर मुसलमानों को नजरबंदी शिविरों में बंद कर दिया है. बीजिंग इसे नौकरी प्रशिक्षण केंद्र कहता है.