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कोकराझार पहुंचे पीएम मोदी, थोड़ी देर में जनसभा को करेंगे संबोधित

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LivePM Modi Live: कोकराझार पहुंचे पीएम मोदी, थोड़ी देर में जनसभा को करेंगे संबोधित

खास बातेंअसम के कोकराझार में आज उत्सव जैसा माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोडो समझौते पर हस्ताक्षर का जश्न मनाने के लिए यहां पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी का पारंपरिक नृत्य के साथ जोरदार स्वागत किया गया। यहां पढ़िए हर अपडेट:-

लाइव अपडेट

12:48 PM, 07-Feb-2020 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोकराझार पहुंच गए हैं।

11:45 AM, 07-Feb-2020 गुवाहाटी पहुंचे पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी पहुंच गए हैं। यहां से वे थोड़ी देर में कोकराझार के लिए निकलेंगे।

11:23 AM, 07-Feb-2020 समारोह स्थल पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी कोकराझार में पीएम मोदी से सभा स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना जारी है। बोड़ो समझौते को लेकर लोगों ने खुशी जताई है।


11:04 AM, 07-Feb-2020 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को असम में कोकराझार का दौरा करेंगे जहां वह बोडो समझौते पर हस्ताक्षर होने का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। गत दिसम्बर में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होने के बाद से यह प्रधानमंत्री का पहला पूर्वोत्तर दौरा होगा। बताया जा रहा है कि दोपहर साढ़े बारह बजे पीएम मोदी कोकराझार में एक रैली को भी संबोधित करेंगे। पीएम मोदी के स्वागत को लेकर यहां जबरदस्त तैयारियां की गई हैं। इस दौरान यहां कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

11:04 AM, 07-Feb-2020 लाखों दीयों से जगमगाया कोकराझार गुरुवार को कोकराझार में पीएम के आगमन को लेकर लाखों की संख्या में दीये जलाए गए थे। पूरे शहर में उत्सव का माहौल है। पीएम के स्वागत को लेकर शहर में बड़े-बड़े होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं। बोडो समझौते को लेकर स्थानीय लोगों ने खुशी का इजहार भी किया।

11:04 AM, 07-Feb-2020 पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा यह उन्होंने एक ट्वीट किया, ‘कल मैं असम में दौरे को लेकर उत्सुक हूं। मैं एक जनसभा को संबोधित करने के लिए कोकराझार में रहूंगा। हम बोडो समझौते पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर किये जाने का जश्न मनाएंगे जिससे दशकों की समस्या का अंत होगा। यह शांति और प्रगति के नये युग की शुरूआत का प्रतीक होगा।’

11:04 AM, 07-Feb-2020 बोडो शांति समझौते को पीएम ने बताया था परिवर्तनकारी परिणाम लाने वाला कदम बोडो समझौते पर हस्ताक्षर 27 जनवरी को सरकार द्वारा नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट आफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के चार धड़ों, आल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन और एक नागरिक समाज समूह के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य असम के बोडो बहुल क्षेत्रों में दीर्घकालिक शांति लाना है। प्रधानमंत्री ने हाल के एक ट्वीट में हस्ताक्षर वाले दिन को ‘भारत का एक बहुत खास दिन बताया था” और कहा था कि यह बोडो लोगों के लिए परिवर्तनकारी परिणाम लाएगा। समझौते पर हस्ताक्षर होने के दो दिनों में एनडीएफबी के विभिन्न धड़ों के 1615 से अधिक सदस्यों ने अपने हथियार सौंप दिये थे और मुख्यधारा में शामिल हो गए थे।

11:01 AM, 07-Feb-2020 मोदी और शिंजो आबे के बीच गुवाहाटी में होनी थी शिखर वार्ता मोदी ने अपने नवीनतम रेडियो संबोधन कार्यक्रम ‘मन की बात’ में अपील की थी कि जो भी हिंसा के मार्ग पर हैं वे मुख्यधारा में लौट आयें और अपने हथियार डाल दें। मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच एक शिखर बैठक गत दिसम्बर में गुवाहाटी में होनी थी लेकिन सीएए विरोधी प्रदर्शनों के चलते उसे रद्द कर दिया गया था। मोदी को हाल में गुवाहाटी में सम्पन्न ‘खेलो इंडिया’ खेलों के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया था लेकिन वह उसमें शामिल नहीं हुए।

11:01 AM, 07-Feb-2020 क्या है बोडो लैंड विवाद बोडो, असम का सबसे बड़ा आदिवासी समुदाय है जो राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 6 प्रतिशत है। लंबे अरसे तक असम के बड़े हिस्से पर बोडो आदिवासियों का नियंत्रण रहा है। असम के चार जिलों कोकराझार, बाक्सा, उदालगुरी और चिरांग को मिलाकर बोडो टेरिटोरिअल एरिया डिस्ट्रिक्ट को गठित किया गया है। बोडो समुदाय ने वर्ष 1966 में अलग बोडोलैंड बनाए जाने की मांग की थी।

10:58 AM, 07-Feb-2020 असम के कोकराझार पहुंचे पीएम मोदी, थोड़ी देर में जनसभा को करेंगे संबोधित यह है समझौता
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह समझौता असम के बोडो आदिवासियों को राजनीतिक अधिकार के साथ आर्थिक पैकेज मुहैया कराएगा। असम की क्षेत्रीय अखंडता बरकरार रखी जाएगी। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि समझौता राज्य के विभाजन के बिना संविधान की रूपरेखा के अंदर किया गया है। गृहमंत्री समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने को लेकर बहुत उत्सुक थे ताकि असम में बोडो उग्रवाद समाप्त किया जा सके।