Home छत्तीसगढ़ बारिश के साथ ठंड का असर, फरवरी में रिकार्ड 22 मिलीमीटर वर्षा

बारिश के साथ ठंड का असर, फरवरी में रिकार्ड 22 मिलीमीटर वर्षा

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003


रायपुर।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहे और शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। वहीं हवा के चलने से शीत लहर का भी प्रकोप जारी रहा। ठंड के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। दृश्यता कम होने के कारण कई फ्लायटों के रूट डायवर्ट रहा। रायपुर में बीते एक दशक में शुक्रवार को रिकार्ड 22 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विभाग के मुताबिक आंध्र और ओडिशा के चक्रीय चक्रवात के अब महाराष्ट्र और बिहार राज्य के सिस्टम ने जद में ले लिया है। अभी फिलहाल विशेष तौर पर महाराष्ट्र और बिहार के चक्रीय चक्रवात का असर दिख रहा यानी कुल चार राज्यों के चक्रीय चक्रवात से छत्तीसगढ़ में हल्की बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा।

इसके कारण दिन भर हल्की बारिश और फुहारें रुक कर पड़ती रहीं, लेकिन हवा की गति आठ किलोमीटर से चलने के कारण रायपुर समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में शीत लहर की चपेट में रहा। गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ी। अभी फिलहाल बारिश होने की संभावना रहेगी।

हवा के हल्के झोंकों से गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अधिकतम तापमान गुरुवार की अपेक्षा महज 0.6 डिग्री सेल्यिस शुक्रवार की वृद्घि दर्ज हुई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ जिलों में पर हल्की और मध्यम बारिश की संभावना 48 घंटों तक होने की संभावना है। इधर उत्तर छत्तीसगढ़ के संभागों में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। इसमें शनिवार को उत्तर छत्तीसगढ़ के संभाग के जिलों के कुछ स्थानों पर मध्यम और हल्के कोहरे के धुंध छाये रहने की संभावना है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में बारिश होने की संभावना है।

महाराष्ट्र और बिहार में बने चक्रीय चक्रवात का ज्यादा असर, धीरे-दक्षिण की ओर खिसना शुरू, मिलेगी 10 के बाद राहत

मौसम विभाग के मुताबिक महाराष्ट्र के मध्य मराठवाड़ा के ऊपर चक्रीय चक्रवात को घेरा बना है। इसकी ऊंचाई डेढ़ किलोमीटर तक है। वहीं दूसरा चक्रीय चक्रवाती घेरा बिहार के वायुमंडल में 900 मीटर की ऊंचाई पर चक्रीय घेरा सक्रिय है। मौसम विभाग के मुताबिक विंड काम्फलेंस जोन उत्तर छत्तीसगढ़ से धीरे-धीरे दक्षिण की ओर जाने लगा है। इसके कारण उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में आंशिक रूप से बादल छाने से हल्की बारिश की संभावना है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर मध्यम और हल्की बारिश होने की संभावना है। पिछले 48 घंटों के अंदर तक इस सिस्टम के बने रहने की संभावना है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में शनिवार को न्यूनतम और अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस वृद्घि की संभावना है।

इन जिलों में शीत लहर का प्रकोप जारीParagraph

रायपुर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में हवा के प्रति आठ घंटा किलोमीटर की रफ्तार चल रही है। इससे पूरा प्रदेश शीतलहर की चपेट में आ चुका हैं। अभी इसके जारी रहने की संभावना है।

इन जिलों और उनके इलाकों में एक से चार सेंटीमीटर बारिश

रायपुर, महासमुंद, बेमेतरा, पाटन,बसना, तिल्दा, लाभांडी, डोगरगढ़ थानखमरिया, माना में दो सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा खैरागढ़, आरंग, बेरला, में पांच सेंटीमीटर, धमधा, सिमगा, गुंडरदेही, दुर्ग में चार सेंटीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में एक सेंटीमीटर से कम वर्षा हुई।

अंबिकापुर सबसे ठंड, बाकी स्थानों में भी न्यूनतम तापमान गिरा

मौसम विभाग के मुताबिक न्यूनतम तापमान में अंबिकापुर 10.8 डिग्री सेल्सियस रहा, इससे ये पूरे प्रदेश में सबसे ठंड जिला रहा। जबकि सुरगुजा संभाग में सामान्य से अधिक व शेष संभागों के जिलों में सामान्य ही रहा।

इन जिलों में इतना अधिकतम और न्यूनतम तापमान डिग्री सेल्सियस

जिला अधिकतम न्यूनतम

1-रायपुर 18.6 15

2-बिलासपुर 17 13.9

3-पेंड्रारोड 17.1 11

4-अंबिकापुर 16.1 10.8

5-जगदलपुर 29.4 15.9

6-दुर्ग 20.2 14.2

7-राजनांदगांव 17.5 13.5

Posted By: MONU GAJBHIYE