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पहली बार जवान, स्वदेशी हथियार, जानें केवड़िया सैन्य कॉन्फ्रेंस में क्या होगा खास

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इस कॉन्‍फ्रेंस में पहली बार जेसीओ और जवान भी शामिल हो रहे हैं. थलसेना, वायुसेना और नौसेना तीनों अपने आपको भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने में जुटी हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शनिवार को गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित केवड़िया में देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के एक सम्मेलन को संबोधित करेंगे. राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. शीर्ष सैन्य अधिकारियों का तीन दिवसीय संयुक्त सैन्य सम्मेलन गुरुवार को यहां शुरू हुआ था. उन्होंने बताया, ‘प्रधानमंत्री शनिवार की सुबह यहां पहुंचेंगे और सम्मेलन को संबोधित करेंगे. उनके उसी दिन वापस लौटने का कार्यक्रम है.’ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार को यहां पहुंचे.

इस कॉन्‍फ्रेंस में पहली बार जेसीओ और जवान भी शामिल हो रहे हैं. बता दें क‍ि थलसेना, वायुसेना और नौसेना तीनों अपने आपको भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने में जुटी हैं और इन्हीं तैयारियों का जायजा लिया जाएगा गुजरात के केवड़िया में होने वाले कंबाइंड कमांडर्स कांफ्रेंस में. साल में इस तरह की कांफ्रेंस एक बार आयोजित की जाती है. केवड़िया में 4 मार्च से 6 मार्च तक चलने वाले इस कांफ्रेंस में कल प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल होंगे और सेना के तीनो अंगों के कमांडरों को संबोधित करेंगे.

ऐसा कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री के साथ तीनों सेना के टॉप कमांडरों की विशेष कॉन्‍फ्रेंस में इन-हाउस इनोवेटरों को भी बुलाया गया है. इन इनोवेटरों के द्वारा स्‍वदेशी मिलिट्री-उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. जिसमें इलेक्ट्रॉनिक जैमर, माइक्रोकॉप्टर, बुलेटप्रूफ जैकेट, ड्रोन, आधुनिक बंदूकें और स्नाइपर बुलेट शामिल हो सकते हैं.

पहली बार सैन्य-कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे जेसीओ और जवान
ऐसा पहली बार होगा कि इस कंबाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में जेसीओ और जवान भी शामिल होंगे. सूत्रों के मुताबिक पहली बार तीनों सेना के एक-एक जेसीओ और जवान कांफ्रेंस के आखिरी दिन इसमें शामिल होंगे. इसमें जिस तरह से चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में भारतीय सैनिकों ने मुकाबला किया और एलओसी पर पाकिस्तान को लगातार मुंह तोड़ जवाब दिया उसके बाद यह तय किया गया कि कंबाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में जवानों और जेसीओ को भी एक सेशन में शामिल किया जाए. इस कॉन्फ्रेंस में कमांडर्स अलग अलग मसलों पर प्रेजेंटेशन देंगे.

इसमें ऑपरेशनल मसलों के साथ साथ सेना के आधुनिकीकरण और वेलफ़ेयर के मुद्दे भी शामिल होंगे. चीन के साथ लद्दाख के लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) की स्थित और पाकिस्तान के साथ लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के मौजूदा हालात, रणनीति तैयारियों पर भी चर्चा होगी. आत्मनिर्भर भारत की मुहिम पर सबसे पहले कार्रवाई करने वाले सेना के तीनों अंगों के कामकाज और भविष्य की ज़रूरतों को आत्मनिर्भरता से कैसे पूरा किया जाए इस पर भी चर्चा होगी.