Home छत्तीसगढ़ 14th ECO Summit: सत्ता संघर्ष के बीच इमरान खान की अपील, क्षेत्र...

14th ECO Summit: सत्ता संघर्ष के बीच इमरान खान की अपील, क्षेत्र में बढ़े परिवहन संपर्क और आर्थिक गतिविधियां

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

14th ECO Summit: पाकिस्तान (Pakistan), ईरान और तुर्की ईसीओ के संस्थापक सदस्य हैं. इसका गठन 1985 में पूर्ववर्ती क्षेत्रीय विकास के लिए सहयोग (आरसीडी) नामक संगठन से हुआ. बाद में कई देश इसका हिस्सा बने.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने गुरुवार को आर्थिक सहयोग संगठन (Economic Cooperation Organisation) के नेताओं से अनुरोध किया कि वे क्षेत्र में परिवहन संपर्क के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दें. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, डिजिटल तरीके से आयोजित ईसीओ के 14वें सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने ईसीओ क्षेत्र के भीतर परिवहन और व्यापार संपर्क बढ़ाने तथा ऊर्जा के प्रवाह को सतत करने के लिए निकट सहयोग की जरूरत पर बल दिया. सम्मेलन ‘कोविड-19 के बाद क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग’ की थीम पर आयोजित हुआ था.

पाकिस्तान, ईरान और तुर्की ईसीओ के संस्थापक सदस्य हैं. इसका गठन 1985 में पूर्ववर्ती क्षेत्रीय विकास के लिए सहयोग (आरसीडी) नामक संगठन से हुआ. बाद में अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिज गणतंत्र, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान भी ईसीओ के सदस्य बने. खान ने मार्च 2017 में इस्लामाबाद में हुए ईसीओ के 13वें सम्मेलन के दौरान संगठन के ‘विजन 2025’ को याद किया और उसके क्रियान्वयन की समीक्षा करने तथा आवश्यक सहयोग करने का प्रस्ताव रखा.

प्रधानमंत्री ने परस्पर हित वाली साझेदारी के लिए ईसीओ और अन्य क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच बातचीत के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने ईसीओ क्षेत्र के एकीकरण के लिए अफगानिस्तान में स्थायित्व के महत्व पर भी बल दिया. ईसीओ के 15वें सम्मेलन का आयोजन 28 नवंबर, 2021 को ईसीओ के स्थापना दिवस पर तुर्कमेनिस्तान के अश्गाबट में किया जाएगा.

देश में मुश्किलों का सामना कर रही है इमरान सरकार

सीनेट में पीएम खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अब्दुल हफीज शेख को पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के युसुफ रजा गिलानी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. इस्लामाबाद की इस खास सीट को गंवाने के बाद खान की सरकार पर संकट गहरा गया था. इस हार के बाद सरकार ने घोषणा की थी कि पीएम नेशनल असेंबली में विश्वास मत हासिल करेंगे. इसके लिए शनिवार को नेशनल असेंबली का सत्र बुलाया गया है.