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यदि आपको बैंक से जुड़े कोई जरूरी काम हैं तो उसे आज निपटा लें, 12 मार्च को छोड़कर कल से अगले चार दिन बैंक रहेंगे बंद

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यदि आपको बैंक से जुड़े कई जरूरी काम हैं तो उसे आज यानी बुधवार को निपटा लें क्योंकि 12 मार्च को छोड़ दिया जाए तो कल यानी गुरुवार से अगले चार दिन बैंक बंद रहेंगे. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और सरकारी कंपनियों के निजीकरण करने के केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ बैंककर्मी आंदोलन की रणनीति पर हैं.

सरकार की बैंक बेचने की नीति के विरोध में बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के यूनियन ने 15 और 16 मार्च को हड़ताल पर जाने का नोटिस दिया है. इसका आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) ने किया है. इसमें कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लगभग सभी संगठन शामिल हैं. निजीकरण के

विरोध में 15 और 16 मार्च को रहेगी. कुछ बैंक शायद 11 मार्च को शिवरात्रि के लिए भी बंद रहेंगे. वहीं 13 मार्च को सेकेंड सैटरडे और 14 मार्च को रविवार है. फिर 15 और 16 मार्च को यूनियन के हड़ताल के कारण मतलब लगातार चार दिन बैंक बन्द रहेंगे. इससे आपके जरूरी आर्थिक काम प्रभावित हो सकते हैं. इस बीच, एक दिन, सिर्फ शुक्रवार 12 मार्च ही बैंक के काम हो सकेंगे. 17 मार्च को आम बीमा कंपनी और 18 मार्च को एलआईसी की हड़ताल है.

सीटू के राज्य सचिव धरमराज महापात्रा का कहना है कि सभी किसान संगठनों के साथ ट्रेड यूनियनों का भी इसमें समर्थन रहेगा. पूरे हिंदुस्तान में पहली बार बजट के जरिए जो सार्वजनिक क्षेत्रों की कंपनियों की सेल लगाई जा रही है. हम उसके खिलाफ हैं. मोदी सरकार आत्म निर्भरता के नाम पर देश की आत्म निर्भरता को खत्म करने का प्रयास कर रही है. उसे बेचने का काम कर रही है. इसलिए इसे केवल बैंककर्मियों या एलआईसी की हड़ताल नहीं समझनी चाहिए.

बैंक एम्पलॉई फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डी के सरकार का कहना है कि हम निजीकरण के विरोध में हैं. एक बड़े डर में जी रहे हैं। छत्तीसगढ़ में करीब दो हजार बैंक की शाखाएं हैं। करीब 15 हजार कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे. बैंकों के निजीकरण के विरोध में पहले भी बैंकों के कर्मचारी सड़क पर उतरे हैं. इसके साथ हीं बैंक कर्मचारी पहले भी अपनी कई मांगों को लेकर केंद्र सरकार से गुहार लगाते रहे हैं। बैंक कर्मियों का कहना है कि केंद्र सरकार निजीकरण की जो रणनीति अपना रही है वह बेहद गलत हैं.
बैंककर्मियों के साथ ही एलआईसी के कर्मचारी भी अब लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं. केंद्रीय बजट के बाद से लगातार एलआईसी के कर्मचारी केंद्र से नाराज चल रहे हैं