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छत्तीसगढ़ में कोरोना बेकाबू:प्रदेश में 1.21 लाख एक्टिव केस; एक दिन में 197 लोगों की मौत, इनमें से 120 को दूसरी गंभीर बीमारी नहीं थी

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रायपुर– छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर जारी है। गुरुवार को प्रदेश में 55 हजार कोरोना टेस्ट हुए थे। वहीं 16,750 नए मामले सामने आए तो 15,051 मरीज रिकवर भी हुए। इसके बावजूद प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 1 लाख 21 हजार 555 है। देश के चार ही राज्य ऐसे हैं जिनमें एक्टिव मरीजों की संख्या छत्तीसगढ़ से ज्यादा है। इस मामले में महाराष्ट्र पहले नंबर पर है। वहां 6 लाख 99 हजार 858 एक्टिव केस हैं। दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है जहां एक्टिव केस 2 लाख 59 हजार 810 हैं। कर्नाटक तीसरे नंबर पर है, वहां अभी 1 लाख 96 हजार 236 एक्टिव केस हैं। वहीं 1 लाख 56 हजार 224 एक्टिव मामलों के साथ केरल चौथे नंबर पर है।

छत्तीसगढ़ में एक दिन में 197 लोगों की मौत
छत्तीसगढ़ देश का तीसरा प्रदेश है जहां एक दिन में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज हुई हैं। गुरुवार को राज्य में 197 मरीजों की मौत हुई है। इनमें से 120 मरीज ऐसे थे जिन्हें कोरोना के अलावा कोई और गंभीर बीमारी नहीं थी। दूसरे राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 568 मौतें दर्ज हुईं। उसके बाद दिल्ली में 306 लोगों की जान गई।

छत्तीसगढ़ में हर रोज औसतन 112 मौतें
छत्तीसगढ़ में कोरोना का पहला मामला 18 मार्च 2020 को सामने आया था। कोरोना से पहली मौत 29 मई 2020 को दर्ज हुई। तब से 31 मार्च 2021 के बीच 4,131 मौतें हुई हैं। जबकि दूसरी लहर में केवल अप्रैल के 21 दिनों में ही 2,263 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश में कोरोना से रोज औसतन 112 लोगों की मौत हो रही है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने का जिम्मा IAS को
छत्तीसगढ़ सरकार ने सहकारिता विभाग के विशेष सचिव हिमशिखर गुप्ता को केवल रेमडेसिविर इंजेक्शन की व्यवस्था देखने के लिए नोडल अधिकारी बनाया है। 2007 बैच के IAS गुप्ता को रेमडेसिविर इंजेक्शन की सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला कलेक्टरों के साथ को-ऑर्डिनेट करना है। उनको मुंबई और हैदराबाद में तैनात अफसरों, भास्कर विलास संदीपन और अरुण प्रसाद से भी को-ऑर्डिनेट कर जरूरत के मुताबिक सप्लाई बनाए रखने की कोशिश करनी है।

संदिग्ध मरीजों के लिए इलाज का नया प्रोटोकॉल जारी
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए इलाज का नया प्रोटोकॉल जारी किया है। जांच के लिए सैंपल देने के बाद और रिपोर्ट आने से पहले संदिग्ध मरीजों को पांच दवाएं लेने की सलाह दी जा रही है। इसमें आइवरमेकटिन, डॉक्सीसाइक्लिन, पैरासिटामॉल, विटामिन-सी और जिंक की गोलियां शामिल हैं।

निजी अस्पतालों को चेतावनी
रायपुर की CMHO डॉक्टर मीरा बघेल ने निजी अस्पताल संचालकों को रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने उन शिकायतों का जिक्र किया है जिनमें निजी अस्पतालों के डॉक्टर्स पर रेमडेसिविर इंजेक्शन को पर्ची पर लिखकर बाहर से मंगाने के आरोप लग रहे हैं। जबकि दवा अस्पतालों को ही भेजी जा रही है। बघेल ने कहा है कि अगर किसी अस्पताल को लेकर ऐसी शिकायत मिली तो उसकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।

कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री की जिला पंचायतों के साथ बैठक
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज जिला पंचायतों के अध्यक्षों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियाें के साथ वर्चुअल बैठक करने वाले हैं। इसमें कोरोना प्रबंधन और इलाज की सुविधाओं की समीक्षा होगी। इस दौरान प्रवासी मजदूरों के गांव लौटने की स्थिति में उनको क्वारैंटाइन करने की व्यवस्था का भी जायजा लिया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी गांवों को क्वारैंटाइन सेंटर बनाने के निर्देश दिए थे।