Home बालाघाट 140 गोवंश को पुलिस ने किया वारासिवनी गोशाला के हवाले

140 गोवंश को पुलिस ने किया वारासिवनी गोशाला के हवाले

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वारासिवनी । समूचे जिले में गोवंशों की तस्करी की घटनाएं दिनों दिन बढ़ती जा रही है। गत दिवस तिरोड़ी थाने के अंतर्गत हरदोली के जंगल में भी कत्लखाने ले जा रहे लगभग 140 गोवंशों की प्राण रक्षा पुलिस विभाग ने की है। इस मामले में पहले तीन आरोपित और बाद में सात आरोपित बनाए गए हैं। वहीं, इनमें से अधिकांश गोवंशों को वारासिवनी गोशाला को सुपुर्दनामे में दिया गया है। पुलिस विभाग को रात में आरोपितों को गिरफ्तार करने में अनेक मशक्कतों का सामना करना पड़ा। इन गोवंशों को तिरोड़ी के जंगलों से वारासिवनी गोशाला लाने के लिए लगभग 70 किमी का सफर भी पैदल ही पूरा किया। इतने गोवंशों को पैदल चलाकर लाना और साथ में सुरक्षा करते हुए पैदल चलना निश्चित ही एक कठिन कार्य देखा गया। जिसे तिरोड़ी पुलिस ने कुशलता से पूरा किया।

तिरोड़ी पुलिस थाने के उपनिरीक्षक जीएल अहिरवार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक व अनुविभागीय पुलिस अधिकारी के मार्गदर्शन में देर रात में हरदोली के जंगल से गोवंशों की प्राण रक्षा की गई है। अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ आरोपित भागने में सफल हो गए। वहीं, तीन आरोपित सुनील राऊत 30 वर्ष, किशोर नाने 38 वर्ष, रामनाथ मरठे 55 वर्ष को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। आरोपितों को 4, 6, 9 गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 एवं 11 पशु क्रुरता अधिनियम 1960 के तहत गिरफ्तार कर मामला विवेचना में लिया गया हैं। इसके अलावा सात अन्य आरोपितों के विरुद्ध भी अपराध कायम कर लिया गया है। दूसरी ओर गोशाला के व्यवस्थापक अभिषेक सुराना ने बताया कि इस तरह के गो तस्करी के मामले में हमेशा गोवंशों को लेकर जो पर्ची प्रदान की जाती है, वह पूरी तरह झूठी रहती है। इन पर्चियों की जांच होनी चाहिए जिससे इस तरह के मामले में आरोपितों को कड़ी सजा दिलवाई जा सके।

इनका रहा योगदान : गोवंश की रक्षा करने वालों में तिरोड़ी थाना प्रभारी चैनसिंह उइके, उपनिरीक्षक जीएल अहिरवार, प्रधान आरक्षक सतीश गेडाम, परमानंद भगत, आरक्षक नागेश बघेल, गौतम बघेल, लक्ष्‌मी बघेल, छत्रपाल बघेल, शिवम बघेल का सक्रिय योगदान रहा। विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल तिरोड़ी की ओर से पंकज श्रीवास, विशाल कोरी, सतीश चौहान, गौरीशंकर, अमोल इंगले, आनंद हरिनखेड़े का योगदान रहा।