Home बालाघाट माॅयल में नवीनीकरणी ऊर्जा का बढ़ता प्रचलन

माॅयल में नवीनीकरणी ऊर्जा का बढ़ता प्रचलन

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रहीमखान भरवेली ( स्वतंत्र पत्रकार)

बालाघाट: माॅयल लिमिटेड इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में एक सूचीबद्ध अनुसूची ‘ए’ मिनी रत्न श्रेणी-एक केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। माॅयल भारत में मैंगनीज अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक है। यह कंपनी इलेक्ट्रोकलिटिक मैंगनीज डाॅय आॅक्साइड (ईएमडी) और फेरा मैंगनीज का भी उत्पादक करती है। जो कि एक उच्च मूल्य उत्पाद है। तथा जिसका प्रयोग शुष्क बैटरी, फार्माम्यूटिकल्स और पेंट उद्योग, इस्पात निर्माण इत्यादि में किया जाता है। 31 मार्च,2020 को कंपनी की अधिकतम पूंजी 300 करोड़ रूपये तथा प्रदत्त पूंजी 237.33 करोड़ थी। कंपनी में भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और मध्यप्रदेश की शेयरधारिता है।
सर्वोच्च लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए माॅयल लिमिटेड ने खनन कार्य के साथ ही पर्यावरण का पूरा ख्याल रखा है। इसलिये परम्परागत ऊर्जा स्त्रोतों से हटकर नवीनीकरण स्त्रोतों की ओर कदम बढाये गये है। इस प्रयास से माॅयल को न केवल फायदा होगा बल्कि हमारी सामाजिक उत्तरदायित्व भी प्रमुखता से प्रकट होगी। इन प्रयासों के निम्नलिखित झलक उपरोक्त क्षेत्र में माॅयल की उपलब्धि को प्रदर्शित करती है।
गैर परम्परिक ऊर्जा स्त्रोतों को बढ़ावा देना –
माॅयल ने अपने कार्पोरेट हेडक्वार्टर माॅयल भवन नागपुर में नेट मीटरिंग के साथ 48 किलोवाॅट क्षमता वाली ग्रीड कनेक्टेड रूफ टाॅप पीवी सोलर सिस्टम परियोजना स्थापित किया है। बिजली बिलों में रूपये 10 लाख प्रतिवर्ष बचत अनुमानित है। यह नेट मीटरिंग सुविधा के साथ विदर्भ में पहला ग्रीड कनेक्टेड रूप टाॅप सोलर सिस्टम है।
माॅयल ने हाल ही में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में स्थित खदान क्षेत्र में ग्रीड से जुड़े 10.50 मेगावाॅट क्षमता का पीवी सौर सिस्टम लगाया है। जिसमें बिजली बिलों में रूपये 5.50 करोड प्रतिवर्ष बचत अनुमानित है। इसके पूर्व माॅयल ने मध्यप्रदेश के देवास में 20 मेगावाॅट पवन ऊर्जा संयत्र में 100 करोड रूपये निवेश किये है।
इन सब के अलावा मध्यप्रदेश में निवेश के एक हिस्से के रूप में सौर ऊर्जा परियोजना है। माॅयल ने दो अलग अलग परियोजना शुरू की है। एक सौर ऊर्जा परियोजना 5.5 मेगावाॅट, दूसरी 20 मेगावाॅट की यह सभी परियोजनाएं इस समय गतिशील है।
खनन क्षेत्र के भीतर सौर ऊर्जा परियोजना
मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले की विभिन्न खानों में 5.5 मेगावाॅट की सौर ऊर्जा परियोजना एसपीपी पूर्ण हो चुकी है। जिसके अंतर्गत आंतरिक उपयोग (कैपेटिव यूज) के लिये माह अक्टूबर,2018 से बालाघाट खदान में 0.965 मेगावाॅट की एसपीपी से शुद्ध मापन की व्यवस्था के साथ ऊर्जा उत्पादन शुरू हो गया है। उकवा और बालाघाट खानों में आंतरिक उपयोग के लिये उकवा खदान में 1.965 मेगावाॅट के सौर ऊर्जा संयत्र से ऊर्जा उत्पादन माह अप्रैल,2019 से शुरू हो गया है।
बालाघाट के फैरा मैंगनीज प्लंाट के आंतरिक उपयोग के लिये तिरोड़ी खदान में 2.57 मेगावाॅट (0.63 मेगावाॅट व 1.94 मेगावाॅट) के एसपीपी से ऊर्जा उत्पादन माह अप्रैल,2019 से शुरू हो गया है। टेªकिंग सिस्टम के साथ 0.965 मेगावाॅट व 0.6.3 मेगावाॅट के सौर ऊर्जा सक्रिय है। जबकि 1.965 मेगावाॅट और 1.94 मेगावाॅट के सौर ऊर्जा संयत्र ट्रेकिंग प्रणाली से संचालित है। इस परियोजना की कुल लागत 33.75 करोड है जिसमें से 30.00 खर्च किये जा चुके है।
खनन क्षेत्र के बाहर सौर ऊर्जा परियोजना –
मध्यप्रदेश में माॅयल के 20 मेगावाॅट एसपीपी के लिये भोपाल के नवीन और नवीकरिणी विभाग (एनआरईडी) ने जिला राजगढ़ के राजगढ़ खास में सरकारी भूमि को आबंटित किया था। हालांकि आबंटित सरकारी भूमि पर 20 मेगावाॅट क्षमता के स्थान पर केवल 13 मेगावाॅट सौर पीवी बिजली परियोजना उपयुक्त थी। दिनांक 23-6-2017 को एनआरईडी द्वारा अतिरिक्त भूमि आबंटित की गई थी। परियोजना के लिये आबंटित कुल भूमि 59.67 हेक्टेयर है और सौर बिजली परियोजना की कुल लागत 110.64 करोड़ रूपये है।
दिनांक 09-02-2018 को कंपनी बोर्ड द्वारा 20 मेगावाॅट सोलर पीवी बिजली परियोजना की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद एमपी डिसकाॅम द्वारा सूचित किया गया कि प्रस्तावित 20 मेगावाॅट सोलर बिजली परियोजना 132 किलोवाॅट के हाईटेंशन कनेक्शन के लिये ही उपयुक्त है। तदानुसार माॅयल ने 132 के.वी. के नये कनेक्शन के लिये आवेदन किया है। व्यवहारिता अध्ययन प्राप्त होने पर जमा आधार पर एमपीपीटीसीएल (मध्यप्रदेश पाॅवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड) को 132 के.वी. ट्रांसमिशन लाईन के निर्माण का कार्य प्रदान किया गया है। माॅयल ने सम्बद्ध सबस्टेशन के लिये निविदा प्रक्रिया भी शुरू की है। 132 केवी हाईटेंशन बिजली लाईन के लिये निर्माण की कुल लागत 40.15 करोड रूपये है। ऐसा अनुमान है कि सबस्टेशन के साथ 132 केवी लाईन का काम अगस्त,2022 तक पूरा हो जायेगा। माॅयल लिमिटेड नये विचारों और नवाचारों में विश्वास रखता है और शोध एवं अनुसंधान की रीति नीति का पालन करते हुए कंपनी को नित्य नई ऊंचाईयों पर ले जाने के लिये उद्यत रहता है।