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आज भी पीएम पद के लिए नरेंद्र मोदी क्यों हैं लोगों की पहली पसंद, शहरी पार्टी ने कैसे गांवों तक लहरा दिया भगवा झंडा ?

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Narendra Modi Popularity In Survey: सर्वे में शामिल 25 फीसदी लोगों ने माना है कि केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धि है कि उसने कोरोना का अच्छे से मैनेजमेंट किया। इसके अलावा 14 फीसदी लोगों ने आर्टिकल 370 के खात्मे को एनडीए सरकार की उपलब्धि माना है। 8 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो विश्वनाथ कॉरिडोर और राम मंदिर को भी मोदी सरकार की उपलब्धि माना है।

नई दिल्ली: 2024 में लोकसभा चुनाव होने वाले है। हालांकि इसके लिए अभी दो साल का वक्त है मगर राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी है। देश के अंदर कई सर्वे भी हो रहे हैं। इन सर्वों को देखें तो पीएम मोदी का जादू अभी भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। बतौर पीएम वो अब भी देश की पहली पसंद बने हुए हैं। 2014 में पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने देश में सरकार बनाई। इसके बाद 2019 में जब दोबारा चुनाव हुआ तो पहले से भी ज्यादा सीटें आईं। अब 2024 को लेकर सर्वे को आधार मानें तो 2019 का भी रेकॉर्ड 2024 में टूट सकता है। लेकिन क्यों पीएम मोदी आज गरीब, मजदूर, महिलाओं और युवाओं की पहली पसंद बने हुए हैं।

मोदी की लोकप्रियता सबसे ज्यादा
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लोकप्रिय विकल्प बने हुए हैं। सीवोटर-इंडिया टुडे मूड ऑफ द नेशन सर्वे में ये जानकारी मिली। इस सर्वे के मुताबिक 53 फीसदी लोग एक बार फिर से पीएम नरेंद्र मोदी को ही देश का पीएम बनते देखना चाहते हैं। सर्वे में 53 फीसदी लोगों ने पीएम मोदी को अपनी पसंद बताया तो कांग्रेस के राहुल गांधी को 9 फीसदी लोग ही पीएम देखना चाहते हैं। तीसरे नंबर पर अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्हें 7 प्रतिशत लोगों ने अपनी पसंद बताया है। लोकप्रियता के मामले में पीएम मोदी राहुल गांधी से बहुत आगे हैं। इसका कारण क्या है।

पीएम पद के लिए पहली पसंद मोदी
सर्वे में शामिल 25 फीसदी लोगों ने माना है कि केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धि है कि उसने कोरोना का अच्छे से मैनेजमेंट किया। इसके अलावा 14 फीसदी लोगों ने आर्टिकल 370 के खात्मे को एनडीए सरकार की उपलब्धि माना है। 8 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो विश्वनाथ कॉरिडोर और राम मंदिर को भी मोदी सरकार की उपलब्धि माना है। पहले से ही बीजेपी की छवि हिंदुत्ववादी पार्टी के तौर पर होती थी। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्वभाव एक नरम नेता सा था। इसी वजह से विपक्षी पार्टियां भी उनकी तारीफ करती थीं। लेकिन 2004 के बाद बीजेपी सत्ता का रास्ता तलाश रही थी मगर दो चुनावों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।

संगठन में तब उठी थी मांग
तत्कालीन गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी की डिमांड बढ़ती जा रही थी। गुजरात के साथ वो पूरे देश में खासा मशहूर हो चुके थे। बीजेपी संगठन से भी आवाज उठने लगीं थीं कि अब नरेंद्र मोदी को बीजेपी का चेहरा बनाया जाए। 2013 के आखिरी में उनको चेहरा घोषित किया गया और नतीजा सबके सामने है। नरेंद्र मोदी की छवि एक तेज तर्रार नेता की है। वो विरोधियों पर भी जमकर बरसते हैं। उनकी छवि कट्टर हिंदुत्ववादी जैसी है। बीजेपी को इस छवि का फायदा भी खूब मिला। पीएम मोदी के भाषण, उनके फैसलों ने देश की जनता के सामने एक मजबूत नेता की छवि बनाई है।

युवाओं की पसंद पीएम मोदी
पीएम मोदी की उम्र भले ही 65 के ऊपर हो मगर वो युवाओं की पहली पसंद बने हुए हैं। इसका कारण है 2014 के बाद देश में हुए कुछ बड़े फैसले। पीएम मोदी के भाषणों ने भी युवाओं के दिलों को जीता है। कट्टर हिंदुत्ववादी छवि के कारण भी युवा उनको पसंद करते हैं। पीएम मोदी अक्सर अपने भाषणों में युवाओं का जिक्र करते हैं। पाकिस्तान को कड़ा जवाब, कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म करना सहित कुछ फैसलों ने उनकी छवि और मजबूत बनाई।

महिलाओं की पसंद पीएम मोदी
पिछले देश और कई राज्यों में हुए चुनाव के रिजल्ट को देखते हुए ये माना जाने लगा है कि महिलाओं का वोट बीजेपी को जा रहा है। देश की आधी आबादी का झुकाव बीजेपी और पीएम मोदी की तरफ ज्यादा है। इसका सबसे बड़ा कारण है महिलाओं की सुरक्षा। उज्जवला योजना से भी देश की महिलाओं को धुंआ से निजात मिला। इसके अलावा तीन तलाक को बैन करने वाला फैसला लोगों को बहुत पसंद आया। मुस्लिम महिलाओं ने भी बीजेपी को वोट किया।

कट्टर ईमानदार छवि
पीएम मोदी की छवि ईमानदार नेता की है। लोगों को ये कहने सुना गया है कि पीएम मोदी का तो परिवार ही नहीं है, वो किसके लिए करप्शन करेंगे। मोदी कैबिनेट में भले ही अन्य नेताओं के ऊपर करप्शन के आरोप लग भी जाएं मगर पीएम मोदी की छवि बेदाग बनी हुई है। मोदी सरकार को देश में आठ साल हो गए सरकार चलाते हुए मगर आज तक सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई भी मामला सामने नहीं आया। देश में ईमानदार सरकार की छवि बनी हुई है।

राम मंदिर, विश्वनाथ कॉरिडोर बनने से भी लोग खुश
अयोध्या में राम मंदिर का बड़ा मुद्दा था। केंद्र और यूपी में बीजेपी सरकार आने के बाद सरकार के ऊपर ये दबाव बनने लगा कि भगवान राम का मंदिर कब बनेगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राममंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ। अब राम मंदिर में दिन रात काम लगा हुआ है। अयोध्या में भी विकास के बहुत कार्य कराए गए। लोग खुश हैं कि राम मंदिर का भव्य निर्माण हो रहा है। हिंदुत्ववादी लोग इसको मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि कहते नहीं थकते। इसके साथ ही बनारस में विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण भी लोगों को काफी पसंद आया।

किसानों और गरीबों के बीच लोकप्रिय हुए मोदी
पहले कहा जाता था कि बीजेपी शहर की पार्टी है। शहरों में पढ़ा लिखा वर्ग ही बीजेपी को वोट करता है मगर पीएम मोदी के बाद ये धारण बदल गई। एक के बाद एक मोदी के फैसलों ने गांवों में भी भगवा पार्टी का परचम लहरा दिया। कोरोना के बाद गरीब लोगों के लिए मुफ्त अनाज योजना ने मोदी की साख को और चमका दिया। किसान सम्मान निधि के जरिए बीजेपी ने किसानों के बीच अपनी पहुंच बना ली। एक के बाद एक ऐसे फैसले लिए गए जिससे गांवों में भी बीजेपी की पकड़ बन गई।

बीजेपी फिर बना सकती है सरकार
इंडिया टीवी-मैट्रिज़ न्यूज़ कम्युनिकेशन के देशव्यापी ओपिनियन पोल से पता चलता है कि आज भी जनता पर प्रधानमंत्री मोदी का जादू कायम है। इस सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री पद के लिए नरेन्द्र मोदी 48 प्रतिशत लोगों की पसंद है। अगर अभी लोकसभा के चुनाव हुए तो प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) लोकसभा की कुल 543 में से 362 सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर सकता है।