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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल वनांचल के 5 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि होगी उपचारित: वन मंत्री श्री अकबर

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नरवा विकास: वर्ष 2021-22 में कैम्पा मद से 404 करोड़ रूपए की स्वीकृत राशि से 73 लाख से अधिक संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर

वनांचल के 5 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि होगी उपचारित: वन मंत्री श्री अकबर

 रायपुर, 16 नवंबर 2022/राज्य सरकार द्वारा संचालित सुराजी गांव योजना के तहत नरवा विकास कार्यक्रम अंतर्गत कैम्पा की वार्षिक कार्ययोजना 2021-22 में 403 करोड़ 67 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें 5.70 लाख हेक्टेयर जल ग्रहण क्षेत्र में लगभग 73 लाख 57 हजार भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर है।  

      मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य के वन क्षेत्रों में भू-जल संरक्षण तथा संवर्धन के लिए बड़े तादाद में जल स्रोतों, नदी-नालों और तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य लिया गया है। कैम्पा की वार्षिक कार्ययोजना 2021-22 के तहत प्रदेश के दो राष्ट्रीय उद्यान, दो टाईगर रिजर्व, 01 सामाजिक वानिकी तथा 01 एलीफेंट रिजर्व सहित विभिन्न वन मंडलों के नालों में भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाएं निर्मित की जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य प्रतिकरात्मक वनरोपण, निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) मद से बनने वाली इन जल संग्रहण संरचनाओं से वनांचल में रहने वाले लोगों और वन्य प्राणियों के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नाले में पानी का भराव रहने से आस-पास की भूमि में नमी बनी रहेगी। इससे खेती-किसानी में सुविधा के साथ-साथ आय के स्रोत और हरियाली में भी वृद्धि होगी। 

      इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री संजय शुक्ला ने बताया कि नरवा विकास योजना के तहत कैम्पा की वार्षिक कार्ययोजना 2021-22 के अंतर्गत गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान सरगुजा में 2 लाख 44 हजार तथा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जगदलपुर में 1389 संरचनाओं का निर्माण किया किया जा रहा है। इसी तरह इन्द्रावती टायगर रिजर्व बीजापुर में 4 लाख से अधिक तथा अचानकमार टाईगर रिजर्व लोरमी में 3 लाख 68 हजार संरचनाओं का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा एलीफेंट रिजर्व सरगुजा में 85 हजार तथा अनुसंधान एवं विस्तार जगदलपुर अंतर्गत 58 हजार संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। 

    इसी तरह वन मंडलवार बिलासपुर में 3 लाख 81 हजार, मरवाही में 8 लाख 97 हजार, कोरबा में 5 लाख 84 हजार तथा कटघोरा में एक लाख 89 हजार संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। रायगढ़ में 19 हजार, धरमजयगढ़ में 2 लाख 70 हजार, जांजगीर-चांपा में 19 हजार तथा मुंगेली में 2 लाख 60 हजार संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा खैरागढ़ वनमंडल अंतर्गत एक लाख 6 हजार, बालोद में 57 हजार, राजनांदगांव में 2 लाख 79 हजार तथा कवर्धा में 2 लाख 27 हजार संरचनाओं का निर्माण हो रहा है।

     रायपुर में 87 हजार, बलौदाबाजार में 72 हजार, धमतरी में 13 हजार, सुकमा में 3 लाख 30 हजार, बीजापुर में एक लाख 34 हजार तथा दंतेवाड़ा में 32 हजार संरचनाओं का निर्माण हो रहा है। जशपुर में 77 हजार, सरगुजा में एक लाख 47 हजार, सूरजपुर में एक लाख 5 हजार, बलरामपुर में 7 लाख 62 हजार संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। कोरिया में 2 लाख 67 हजार, मनेन्द्रगढ़ में एक लाख 68 हजार संरचनाओं का निर्माण हो रहा है। इसी तरह वनमंडलवार दक्षिण कोण्डागांव में एक लाख 94 हजार तथा नारायणपुर में एक लाख 25 हजार संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर है।