Home छत्तीसगढ़ रायपुर : मुख्यमंत्री ने देवभोग में लघु वनोपज उत्पाद पार्क का शुभारंभ...

रायपुर : मुख्यमंत्री ने देवभोग में लघु वनोपज उत्पाद पार्क का शुभारंभ किया

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM
लघु वनोपज

केन्द्र में 11 महिला स्व-सहायता समूह शामिल होंगे, लगभग 150 महिलाएं सीधे केन्द्र से जुड़ेंगी

16000 से अधिक वनोपज संग्राहक परिवार उच्च आय प्राप्त कर अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठा सकेंगे

राज्य शासन ने ग्रामीण उद्यम पार्क की स्थापना के लिए 7.42 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी जाएगी

रायपुर, 06 दिसम्बर 2022

लघु वनोपज
लघु वनोपज

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र के विकास खण्ड मुख्यालय देवभोग के समीप गांव इंदागांव में लघु वनोपज पर आधारित ग्रामीण उद्यम पार्क की स्थापना जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज इसका शुभारंभ किया। इंदागांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत बहुतायात मात्रा में लघु वनोपज जैसे-महुआ फूल सुखा, चिरौंजी गुठली, दाल, महुआ बीज, लाख इत्यादि वनोपज पाए जाते है।
देवभोग में ग्रामीण उद्यम पार्क, की स्थापना का उद्देश्य इस क्षेत्र में पाए जाने वाले कच्चे माल की उपलब्धता को देखते हुए मूल्यवर्धन करना है। यह पार्क गांवों के सामाजिक एवं आर्थिक ढांचे में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उत्प्रेरक होगा। इस केन्द्र में कुल 11 महिला स्व-सहायता समूह शामिल होंगे, जिसके अंतर्गत लगभग 150 महिलाएं सीधे केन्द्र से जुड़ेगीं एवं विकासखण्ड अंतर्गत 16000 से अधिक संग्राहक परिवार उच्च आय प्राप्त कर अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठा सकेगें।

लघु वनोपज
प्रस्तावित ग्रामीण उद्यम पार्क- ग्रामीण उद्यम पार्क देवभोग में प्रस्तावित प्रसंस्करण इकाई की जानकारी निम्नानुसार है- चिरौंजी प्रसंस्करण, लाख प्रसंस्करण, दाल प्रसंस्करण, नीम, महुआ एवं कुसम तेल प्रसंस्करण, मसाला प्रसंस्करण इकाई।  छत्तीसगढ़ राज्य उद्योग विकास निगम मर्या रायपुर द्वारा ग्रामीण उद्यम पार्क की स्थापना 7.42 करोड़ रुपए की लागत से की जाएगी। सचिव भारत सरकार मिनिस्ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग इण्डस्ट्रीज नई दिल्ली से 3.75 करोड़, ग्रामीण उद्यम पार्क से 2.00 करोड़ तथा शेष 1.67 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, जिला वनोपज सहकारी संघ एवं वनधन विकास केन्द्र से प्रदाय किया जाएगा।

यह परियोजना देवभोग क्षेत्र और उसके आसपास के क्षेत्रों में समग्र सामाजिक आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी जो किसी भी कुटीर उद्योग, प्रसंस्करण केन्द्र से रहित रहा है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ और गरियाबंद जिले की पहचान बनाने के लिए पूरे देश में कृषि-वन उपज का विपणन सुनिश्चित करते हुए ब्लॉक में बड़ा बदलाव ला सकती है।