Home छत्तीसगढ़ कवर्धा : जब घर के खपरे बदलने को पैसे नही थे तब...

कवर्धा : जब घर के खपरे बदलने को पैसे नही थे तब ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास बना सहारा : श्रीमती अमरौतिन बाई

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

प्रधानमंत्री आवास योजना से जीवन हुआ खुशहाल

कवर्धा, 27 जनवरी 2023

ग्रामीण महिला जिसके पास अपने घर के खपरे बदलवाने के लिये पैसे नहीं थे आज उसके पास अपना पक्का मकान है जो संभव हुआ है प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से। श्रीमती अमरौतिन बाई अपने पति एवं दो बच्चे के साथ खुशहाली और आनंद के साथ अपने नए आवास में रह रही है। कवर्धा विकासखंड के ग्राम पंचायत घोठिया, ग्राम झलका में निवासरत श्रीमती अमरौतिन बाई की आर्थिक स्थिति ठीक नही थी। मजदूरी करके जैसे-तैसे अपने परिवार का गुजारा कर रही थी, वह चाहती थी कि उनका घर जो कच्चा है, उसको पक्की छत वाला बनाया जाए। लेकिन उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह टूटे-फूटे खपरों को बदला सके। इस समस्या से जूझती हुई वह अपनी जिंदगी बसर कर रही थी। उसने कभी नहीं सोचा था कि वह कभी पक्के मकान में रह पाएंगी, लेकिन कहते हैं कि जहां चाह है वहां राह है और अमरौतिन बाई के लिए यह राह आसान बनाई प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने।
श्रीमती अमरौतिन बाई अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताई कि ’’हमन वो ग्राम सभा ला कभी नहीं भुलबो जेमे हमर नाम ला प्रधानमंत्री आवास योजना मा जोडे़ गिस। एखर सेती हमर घर बनाए के सपना हा पूरा होइस।’’ आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 2011 में श्रीमती अमरौतिन बाई का नाम पात्रता की सूची मे शामिल था। आर्थिक स्थिति को देखकर ग्राम सभा ने इनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए सर्वसहमति से प्रस्ताव पारित कर लाभांवित करने का फैसला किया। उनको वर्ष 2019-20 में आवास निर्माण के लिए योजनांतर्गत 1 लाख 30 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई। एक-एक किस्त बैंक के खाते में आता गया और मकान बनकर तैयार हो गया। अमरौतिन बाई को एक ओर उनको प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से मकान का लाभ मिला तो दूसरी ओर अन्य योजनाओं के अभिसरण से लाभान्वित हुई। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से 95 दिवस का मजदूरी मिल गया। जीवन अब पहले से बहुत बेहतर हो गया है। अपना पक्का घर बन जाने से भविष्य की चिंता भी नहीं रही।

जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से स्वीकृत आवासों पर एक नजर

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2016 से 20 तक कुल 41 हजार 438 आवास स्वीकृत किया गया है। जिनमें से 39 हजार 125 आवास का निर्माण पूर्ण हो गए हैं। वर्तमान में अंतिम किस्त के रूप में 15 करोड़ 97 लाख 7 हजार रुपए की राशि हितग्राहियों के खाते में राज्य शासन द्वारा जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा जारी आवंटन से 13 हजार 530 आवास के हितग्राही सीधे लाभान्वित हुए हैं और इनके अपने आवास का सपना पूरा हो गया है।