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रायपुर : प्रसूति सहायता राशि को 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रूपए किए जाने का अनुमोदन 

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प्रसूति सहायता राशि को 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रूपए

मंत्री डॉ. डहरिया की अध्यक्षता में असंगठित कर्मकार राज्य 
सामाजिक सुरक्षा मंडल की बैठक सम्पन्न 

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को श्रम विभाग की योजनाओं 
से लाभांवित करें- श्रम मंत्री डॉ. डहरिया

असंगठित कर्मकार मंडल की योजनाएं मुख्यमंत्री मितान योजना से जुड़ेगी 

रायपुर, 10 फरवरी 2023

श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी  भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की बैठक में प्रसूति सहायता की राशि दस हजार रूपये बढ़कार बीस हजार रूपये करने तथा मंडल के कार्या के संपादन हेतु विभागीय पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में मंडल द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

मंत्री डॉ. डहरिया ने श्रम विभाग के अधिकारियों को असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मकारों को राज्य शासन की योजनाओं का फायदा दिलाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने असंगठित क्षेत्र में विभिन्न परम्परागत काम करने वाले कर्मकारों का पंजीयन कर उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में मंडल की योजनाओं को यथाशीघ्र मुख्यमंत्री मितान योजना जोड़ने का भी निर्णय लिया गया, ताकि कर्मकारों घर पहुंच मंडल की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ मिलने लगे। मुख्यमंत्री मितान योजना के अंतर्गत सेवाओं में असंगठित कर्मकारों का पंजीयन, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, प्रसूति सहायता, छात्रवृत्ति, कौशल उन्नयन, विशेष कोचिंग, चिकित्सा सहायता, पुत्री सायकल सहायता, सफाई कर्मकार प्रसूति, आवश्यक उपकरण सहायता, गंभीर बीमारी चिकित्सा सहायता सहित असंगठित कर्मकारों के लिए संचालित योजनाएं शामिल होंगी। बैठक में विधायक विधायक श्री अनूप नाग और श्रीमती संगीता सिन्हा भी शामिल हुई। 
बैठक में श्रम विभाग के सचिव श्री अमृत खलखो ने छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के कार्याें के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में असंगठित कर्मकार मृत्यु दिव्यांग सहायता योजना में आवश्यक संशोधन कर श्रमिकों को फायदा पहुंचाया जायेगा। असंगठित कर्मकारों के प्रवर्ग में धोबी, दरर्जी, माली, मोची, नाई, बुनकर, रिक्शाचालक, घरेलू कामगार और कचरा बिनने वालों को शामिल किया गया है। फुटकर फल, सब्जी विक्रेता, चाय, चाट ठेला लगाने वाले व्यापारी, हमाल, कुली-रेजा, जनरेटर लाईट उठाने वाले और केटरिंग में काम करने वाले, फेरी लगाने वाले कर्मकारों को शामिल किया गया है। इसी तरह से मोटर साइकल मरम्मत करने वाले, गैरेज मजदूर, परिवहन में लगे मजदूर, आटो चालक, सफाई कामगार, ढोल बाजा बजाने वाले, टेंट हाउस में काम करने वाले, वनोपज में लागे मजदूर, मछुआरा, दाई का काम करने वाले, तांगा बैलगाडी चलाने वाले, तेल पेरने वाले, आगरबती बनाने वाले, घरेलू उद्योग में लगने वाले और खेती हर मजदूर सहित विभिन्न असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों के अंतर्गत कुल 56 प्रवर्ग कर्मकारों को अधिसूचित किया गया है। बैठक में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। 
बैठक में कर्मकार मंडल के सदस्य श्री जगदीश वर्मा, श्री रामशंकर साहू, श्री आनंद गिल्हरे, श्री शीतलदास मंहत, श्री सर्वजीत सिंह, श्री योगेश चटर्जी, श्री विरेन्द्र चौहान अन्य सदस्य और वित्त, स्वास्थ्य, उद्योग, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों के सदस्य शामिल हुये।