Home छत्तीसगढ़ अम्बिकापुर : भूतइया नाला में पर्यटक जल्द उठा सकेंगे बोटिंग का लुत्फ

अम्बिकापुर : भूतइया नाला में पर्यटक जल्द उठा सकेंगे बोटिंग का लुत्फ

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM
मैनपाट

वन विभाग द्वारा अर्दन डेम निर्माण कर टूरिस्ट पॉइंट के रूप में की जा रही विकसित

अम्बिकापुर अम्बिकापुर 2023

वन विभाग द्वारा अर्दन डेम निर्माण कर टूरिस्ट पॉइंट के रूप में की जा रही विकसितमैनपाट के पर्यटन पॉइंट में जल्द एक नाम और जुड़ने वाला है जहा पर्यटक बोटिंग का आनंद ले सकेंगे। ग्राम पंचायत रोपखार अंतर्गत बॉयो डाइवर्सिटी पार्क के आगे भूतईया नाला में वन विभाग द्वारा अर्दन डेम का निर्माण कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है वही इस डेम के बनने से किसानों को सिंचाई सुविधा भी मिलेगी। इस डेम से करीब 800 मीटर की दूरी पर घने जंगलों के बीच भूतईया झरना भी है जो करीब 50 फूट की ऊंचाई से प्रकृति की नीरव गोद मे गिरती है और सुंदर नाद करते हुए नीचे बह जाती है। डेम से इस झरने तक पहुंच मार्ग बन जाये तो पर्यटक प्रकृति के इस मनोरम दृश्य का आसानी से दीदार कर सकेंगे और अच्छा पर्यटन स्थल बन सकता है।

प्रभारी वनपाल श्री फेंकू चौबे ने बताया कि बॉयो डायवर्सिटी पार्क के पास भूतईया नाला का उदगम स्थल है जहाँ से पानी बारहों माह निकल कर नाला के रूप में बहता है। वन विभाग द्वारा यहां करीब एक करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से अर्दन डेम का निर्माण करीब एक वर्ष से करा रहा है। उन्होंने बताया कि उद्गम स्थल के पास नाला काफी संकरा था जिसे खुदाई कर चौड़ीकरण व गहरीकरण कराया गया है। अब इस नाला में करीब 40 फुट पानी भरा है। भूतिया नाला के इस स्थान को पर्यटन पॉइंट एवं बोटिंग क्लब के रूप में विकसित करने की कार्य योजना है। उन्होंने बताया कि इस डेम के बनने से ग्राम सुपलगा और बिसरपानी के किसानों को खेती के लिये सिंचाई की सुविधा मिलेगी वही पर्यटन बढ़ेगा तो स्थानीय लोगां को रोजगार भी मिलेगा।

 ग्राम बिसरपानी के ओंकार नाथ यादव एवं रोपखार के अजित एक्का ने बताया कि इस डेम के बनने से सुपलगा व बिसरपानी तक नहर से पानी किसानों के खेत तक पहुंच जाएगा जिससे किसानों को फायदा होगा। साथ ही पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से सड़क बन जाएगा। लोग भ्रमण के लिए आएंगे तो स्थनीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसलिए इस डेम का कई मायनों में महत्व बढ़ेगा।