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Congress Plenary Session: सोनिया गांधी के संन्यास पर सस्पेंस बरकरार! अशोक गहलोत ने इस तरह की तारीफ

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Raipur News: कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में सोनिया गांधी ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि 1998 में जब मैं पहली बार पार्टी अध्यक्ष बनी तब से 25 साल तक बहुत अच्छा और कुछ बुरा अनुभव रहा है.

Chhattisgarh News: रायपुर में चल रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन ( Plenary Session of Congress) के दूसरे दिन सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) की स्पीच देशभर में वायरल हुई. सोनिया गांधी ने 85वें महाधिवेशन में अपने राजनीतिक संन्यास का संकेत दे दिया.वहीं कांग्रेस प्रवक्ताओं ने इसे अफवाह बताया है. इसको लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Rajasthan CM Ahsok Gehlot) का बड़ा बयान सामने आया है. गहलोत ने सोनिया गांधी के त्याग और मेहनत की जमकर तारीफ की है.इसके अलावा उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार पर भी बड़ा हमला बोला है.

अशोक गहलोत ने बताया इमोशनल स्पीच 
दरअसल शनिवार को सोनिया गांधी के संबोधन के बाद पार्टी के नेताओं के बीच भी उनके राजनीतिक संन्यास को लेकर सस्पेंस है.कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता इसे अफवाह बता रहे हैं.वहीं राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी का इमोशनल स्पीच है,वो याद दिलाता है कि किस प्रकार 25 साल तक उन्होंने पार्टी की सेवा की और पार्टी को एकजुट रखा.उनके दौर में उतार-चढ़ाव आए थे.उनकी मेहनत से दो बार यूपीए की सरकार बनी.प्रधानमंत्री खुद नहीं बनी और डॉ मनमोहन सिंह को अवसर दिया.संसद में आरटीआई,आरटीई,बूथ सिक्योरिटी एक्ट और नरेगा जैसे कानून बनाए गए.देश कभी भूल नहीं सकता है.

मोदी से लड़ने की हिम्मत किसमें है

अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ऐसे समय में हुई है, जिसकी आज जरूरत थी.मुद्दे वही है, देश में भाईचारा-प्रेम रहे, अमीरी-गरीबी की खाई न बढ़े.वर्तमान में मुद्दे है महंगाई और बेरोजगारी, इसपर ध्यान हो. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी एकजुट रहेगी.चुनौती जो हमारे सामने है उसका मुकाबला करना है. गहलोत ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि फासिस्ट सरकार केंद्र और राज्यों में आतंक मचाया हुए हैं.संविधान को धज्जियां उड़ रही हैं.ये उचित निर्देशित में नहीं है.इसका मुकाबला करने के लिए राहुल गांधी में ही हिम्मत है.

नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्ति से सामना कर सकें.मुझे यकीन है कि इन तमाम चुनौतियों से मुकाबला करने में हम कामयाब होंगे.  

सोनिया गांधी का राजनीति से संन्यास?

कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में सोनिया गांधी ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि 1998 में जब मैं पहली बार पार्टी अध्यक्ष बनी तब से 25 साल तक बहुत अच्छा और कुछ बुरा अनुभव रहा है.साल 2004 से 2009 के बीच पार्टी के परफॉर्मेंस हो या फिर मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का निर्णय.यह व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए संतोषजनक रहा है.इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का सहयोग मिल रहा है.जिस बात से सबसे ज्यादा संतुष्टि मिली है,वह ये है की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के साथ मेरी समाप्त हो सकती है.ये पार्टी के लिए बड़ा महत्वपूर्ण मोड़ है.

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने सोनिया गांधी के संन्यास की खबर को  अफवाह बताया है.कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि अफवाह फैलाया जा रहा है.कांग्रेस पार्टी संविधान में संशोधन किया गया है ये सबसे बड़ा प्रमाण है.कांग्रेस पार्टी के संविधान संशोधन में प्रावधान किया गया है कि पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री सीडब्ल्यूसी के हिस्सा होंगे.