Home छत्तीसगढ़ रायपुर: फोल्डस्कोप पर हुई कार्यशाला : वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों के साथ साझा...

रायपुर: फोल्डस्कोप पर हुई कार्यशाला : वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों के साथ साझा किए विज्ञान के व्यावहारिक अनुभव

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM
फोल्डस्कोप पर हुई कार्यशाला

देश को नई दिशा देने युवाओं में वैज्ञानिक सोच का विकास जरूरी: महानिदेशक डॉ. एस. कर्मकार

रायपुर, 02 मार्च 2023

छत्तीसगढ़ रीजनल साईंस सेन्टर

छत्तीसगढ़ रीजनल साईंस सेन्टर में ‘वैश्विक भलाई के लिए वैश्विक विज्ञान’ थीम पर फोल्डस्कोप एजुकेशनल एवं अनुसंधान उपकरण’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। विज्ञान दिवस पर आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यशालाओं में छात्रों और शिक्षकों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग से सस्ते एवं व्यवहारिक उपकरणों के उपयोग और रख-रखाव के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यशाला में फोल्डस्कोप के प्रयोग को हैण्ड-ऑन प्रशिक्षण
कार्यशाला में फोल्डस्कोप के प्रयोग को हैण्ड-ऑन प्रशिक्षण द्वारा बहुत ही रोचक तरीके से समझाया गया। विभिन्न प्रकार के सैंपल प्लांट सेल, एनीमल सेल की स्लाइड, विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त किए गए जल के नमूने, बहुत से रसायनिक क्रियाओं प्राप्त होने वाले प्रोड्कस, बैक्टीरिया, फंगस, प्रोटोजोआ जैसे कई- एककोशीय एवं द्विकोशीय सूक्ष्म जीवों को फोल्डस्कोप से देखना सिखाया जो कि अत्यंत रोमांचकारी था। वर्तमान समय में जहां माइक्रोस्कोप अत्याधिक महंगे, नाजुकता और उच्च रख-रखाव के कारण केवल प्रयोगशाला तक सीमित हो गये है। ऐसे में हमारे आस-पास के जीवन और सूक्ष्म जीवों को देखने के तरीके में बदलाव हेतु ओरिगेमी माइक्रोस्कोप – फोल्डस्कोप की जानकारी दी गई। फोल्डस्कोप ओरिगेमी प्रक्रिया से प्रेरित एक अल्ट्रा किफायती पेपर माइक्रोस्कोप है।

फोल्डस्कोप ओरिगेमी प्रक्रिया
 कार्यशाला में महानिदेशक डॉ. एस. कर्मकार ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर  महान भारतीय वैज्ञानिक प्रोफेसर चंद्रशेखर वेंकटरमन को याद करते हुए उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक खोज रमन प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं में वैज्ञानिक सोच का विकास देश को नई दिशा प्रदान करता है। डॉ. कर्मकार ने विद्यार्थियों को मानव कल्याण के लिये शोध करने के लिए प्रेरित किया। परियोजना संचालक डॉ. शिरीष कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के युवा वैज्ञानिक एवं विद्यार्थियों को प्रौद्योगिकी के उन क्षेत्रों का पहचान करना चाहिए, जिसमें रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हों, जिस तरह राज्य सरकार द्वारा नरूवा, गुरुवा, घुरुवा और बाड़ी में विज्ञान एवं तकनीकी का समावेश कर मितव्ययी विज्ञान को नया स्वरूप प्रदान किया जा सकता है।
वैज्ञानिक अधिकारी श्रीमती प्रज्ञा कदम ने कहा कि वर्तमान समय में जहाँ भारत में संसाधनों की कमी है। ऐसे में इस तरह के सस्ते वैज्ञानिक उपकरण उन्हें विज्ञान में खोज करने हेतु वैज्ञानिक अभिरूचि जागृत करेंगे। अगर हर बच्चे के पास इस तरह का एक माइक्रोस्कोप आ जाए तो वह विज्ञान की पढ़ाई प्रयोगशाला तक सीमित न रहकर हमारे नियमित जीवनचर्या में शामिल हो जाएगा और विद्यार्थियों को निश्चय ही विज्ञान शिक्षण की ओर आकर्षित करेगा। कार्यक्रम में सम्मलित शासकीय स्कूल फूण्डहर एवं शासकीय स्कूल दलदल सिवनी के सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिये शुभकामना दिया।