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बाढ़ भी नहीं रोक पाई हौसले को दुर्गम रास्तों को पार कर गांव में फैलाया उजियारा

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रायपुर / कांकेर में मौसम की खराबी, आँधी तूफान और भारी बारिश के कारण सड़क के बह गया और , पुलों के ढह जाने की खबरों के बीच प्रशासन की विफलता की चर्चा आमतौर पर होने लगती है। ऐसी भी तस्वीरें वायरल होने लगती है जिसमें किसी बीमार या गर्भवती महिला को अस्पताल लाने के लिए कठिन जुगत लगानी पड़ती है। पर कई बार प्रशासन के लोगों की जीवटता भी आमजन का प्रशासन पर पर जो भरोसा है उसे न केवल बनाए रखती है बल्कि कहीं अधिक मजबूत भी करती है। ये तस्वीरें और वीडियो बहुत कुछ अपने आप बयां कर रही है।

वीडियो कांकेर जिले के पखांजूर का है।

जानकारी मिली की 25 अगस्त 23 को कोटरी नदी में डोंगी में सवार लोगों के बीच लगभग 350 किलो का यह ट्रांसफार्मर भी है। लगभग 20 – 30 घरों वाले गाँव बांगोघोड़िया में खराब ट्रांसफार्मर को बदला जाना है। सीएसपीडीसीएल के अधिकारी और उनके लाइन स्टॉफ के लोग और कुछ स्थानीय ग्रामीण भी डोंगी में सवार हैं। नदी नाले के उफान में होने के कारण गाँव का सड़क संपर्क सभी तरफ से टूट गया था। ऐसे में गाँव में नया ट्रांसफार्मर पहुँचाने के लिए बीच में पड़ने वाले कोटरी नदी को पार करना ही एक मात्र रास्ता था। नदी पार कराने के लिए वहाँ कोई बड़े जेट्टी का नहीं बल्की स्थानीय लोगों का सहारा डोंगी ( छोटी नाव) था। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से डोंगी में लाए गए इस ट्रांसफार्मर को ट्रेक्टर में भर कर गाँव में ले जाया गया। उसके बाद बिजली कंपनी के लोगों ने उस नए ट्रांसफार्मर को बिना समय गंवाए बदलकर गाँव की बिजली आपूर्ति बहाल की। विद्युत कंपनी के कर्मचारियों की इस जीवटता को ग्रामीणों ने भी सराहा। और ठीक भी है अच्छे कार्य की सराहना तो होनी ही चाहिए।