Home छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पोरेशन को विदेशी मदिरा के लिए 70 कंपनियों ने दिया रेट...

बेवरेज कार्पोरेशन को विदेशी मदिरा के लिए 70 कंपनियों ने दिया रेट ऑफर

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

विदेशी मदिरा स्प्रिट के 303 ब्राण्ड एवं बीयर के 69 ब्राण्ड शामिलआबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में दी गई जानकारी

रायपुर

छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कार्पाेरेशन द्वारा विदेशी मदिरा की खरीदी के लिए जारी रेट आफर में 70 कंपनियों ने रेट ऑफर प्रस्तुत किया है, जिनमें छत्तीसगढ़ के मदिरा विनिर्माताओं के साथ-साथ अन्य राज्यों में निर्मित की जाने वाली मदिरा और विदेश में निर्मित मदिरा आपूर्ति करने वाली कंपनियां (बीआईओएस) भी शामिल हैं। इन कंपनियों ने विदेशी मदिरा स्प्रिट के 303 ब्राण्ड एवं बीयर के 69 ब्राण्ड के रेट दिए हैं। यह जानकारी आज आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दी गई।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बीते 19 जून को हुई कैबिनेट की बैठक में विदेशी मदिरा के थोक विक्रय एवं भंडारण हेतु वर्तमान में प्रचलित एफएल 10 ए बी अनुज्ञप्प्ति की व्यवस्था को समाप्त करते हुए सीधे विनिर्माता इकाईयों से विदेशी मदिरा का थोक क्रय किए जाने का निर्णय लिया गया था। विदेशी ब्रांड की मदिरा की सीधी खरीदी की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पाेरेशन को दी गई थी। कैबिनेट की इस निर्णय के परिपालन में बेवरेज कार्पाेरेशन द्वारा विदेशी मदिरा खरीदी की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी सिलसिले में कंपनियों को रेट ऑफर भी जारी किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य में विदेशी मदिरा का क्रय इससे पहले लायसेंसियों द्वारा किया जाता था। सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।बैठक में सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर संगीता ने विदेशी मदिरा की खरीदी से लेकर उपभोक्ताओं को इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में विभागीय अधिकारियों द्वारा की जा रही तैयारियों की गहन समीक्षा की और प्रस्तावित व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कंपनियों के रेट ऑफर एवं फुटकर विक्रय के लिए अनुमोदित होने वाली दर को ब्राण्ड एवं लेबलों के अनुसार वेबसाईट पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिये।छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को विदेशी मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित व्यवस्था के लागू होने से यूरोप के बड़े देशों में बिकने वाले लोकप्रिय बाण्ड की मदिरा भी दुकानों में मांग अनुरूप उपलब्ध रहेगी। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए कि मदिरा दुकानों में निर्धारित दर से अधिक दर पर मदिरा का विक्रय न हो एवं मदिरा में किसी भी प्रकार की मिलावट न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मदिरा के निर्धारित रेट एवं क्वालिटी की निगरानी एवं किसी भी तरह की गड़बड़ी के मामले में प्रभावी कार्यवाही के लिये मदिरा दुकानों में लगाए गए सीसीटीव्ही कैमरों को आबकारी मुख्यालय के सेन्ट्रलाईज्ड वीडियो मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा।बैठक में यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुसार शासकीय कार्य में पारदर्शिता के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन तैयार किया जा रहा है। इस मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन के जरिए राज्य के मदिरा दुकानों में विभिन्न ब्रांड की मदिरा की उपलब्धता की जानकारी आम लोगों को मिल सकेगी।बैठक में सचिव सह आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय पर कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा की बिक्री से प्राप्त राशि निर्धारित समयावधि में विनिर्दिष्ट बैंक खाते में जमा कराएं। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पाये जाने पर संबंधित कैश कलेक्शन, बैंक एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें। मदिरा की गुणवत्ता की जांच हेतु हाइड्रोमीटर-थर्मामीटर की खरीदी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर सर्वसबंधितों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कार्पाेरेशन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री श्याम धावडे, विशेष सचिव (आबकारी) श्री देवेन्द्र सिंह भारद्वाज तथा मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।