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मां ने कहां- कुछ दिन रुक जाते बेटा… और बेटे ने कैंसल करवा दिया टिकट, कहानी प्लेन क्रैश में बचे यमन व्यास की

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सत्तर के दशक की चर्चित फिल्म आनंद का डायलॉग है, जिंदगी और मौत ऊपरवाले के हाथ है जहापनाह. उसे न प बदल सकते हैं न मैं. हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं. जिनकी डोर ऊपरवाले की ऊंगलियों में बंधी हैं.कब कौन कैसे उठेगा, यह कोई नहीं बता सकता है.’ अहमदाबाद विमान हादसे के बाद ऐसी दर्दनाक और चौंकाने वाली कहानियां सामने आ रही हैं, जिन पर एकबार यकीन करना मुश्किल है. विमान के 242 यात्रियों में विश्वास रमेश मौत के पंजे से निकल आए. वहीं एक कहानी यमन व्यास की भी है. उनका सामान पैक था. बस घर से फ्लाइट पकने के लिए वह निकल रही रहे थे. मां से विदा लेने का क्षण था. भावुक मां ने बेटे से गुजराती में कहा- थोड़ा दिवस रोकई जा ने बेटा (कुछ दिन और रुक जाते बेटा). मां की भावुकता ने यमन के पैर पीछे खींच लिए. उन्होंने अपना टिकट कैंसल करवा दिया.

यमन व्यास की 12 जून की उसी फ्लाइट से जाना था, जो उड़ान के चंद सेकंड के बाद ही जमीन से जा टकराई. जान-अनजाने मां बेटे को मौत के पंजे से वापस खींच लाई. यमन ने बताया कि शाम को जब उन्होंने प्लेन के क्रैश होने की खबर सुनी तो वह दंग रहे गए. मां ने उन्हें बचा लिया.

जैमिनी और प्रिया पटेल की कहानी
जैमिनी और प्रिया पटेल की किस्मत को भी कुछ और मंजूर था. अहमदाबाद के चांदलोडिया के रहने वाले 29 साल जैमिन पटेल और 25 साल प्रिया पटेल को उनके दोस्त ने छुट्टियां बिताने के लिए लंदन बुलाया था. ये दोनों भी बृहस्पतिवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान से लंदन जाने वाले थे. दरअसल ये विजिटर वीजा पर घूमने जा रहे थे. लेकिन इनके पास कुछ कागज कम थे. जिसके कारण इन्हें विमान में बैठने नहीं दिया गया. ये एयरलाइंस के स्टाफ से मिन्नतें करते रहे. लेकिन इन्हें बोर्डिंग नहीं करवाई गई और ये निराश घर लौट आए. जब ये घर पहुंचे तो इन्हें हादसे की जानकारी मिला.

केवल विमान में सवार एक यात्री की बची जान
गुजरात में अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास बृहस्पतिवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान में सवार एक ही यात्री इस भयावह घटना में जीवित बच गया. शहर के सिविल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. विश्वकुमार रमेश नामक यात्री बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की ‘ए11’ सीट पर था, जिसमें 242 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे. एअर इंडिया के अनुसार, विमान में सवार 230 यात्रियों में से 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, एक कनाडाई और सात पुर्तगाली नागरिक थे.