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आदिवासी छात्र और ग्रामीणों की हत्या निंदनीय, माओवाद का असली चेहरा उजागर: खुबलाल ध्रुव

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बस्तर में आदिवासियों की मौत के लिए माओवादी ही ज़िम्मेदार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में संदिग्ध माओवादी मंगलवार को तीन ग्रामीणों की हत्या करने के बाद दर्जनभर से ज्यादा ग्रामीणों को बंधक बनाकर अपने साथ ले गए थे. बुधवार को उन सभी ग्रामीणों को माओवादियों ने रिहा कर दिया है. सभी ग्रामीण सुरक्षित गांव पहुंच गए हैं.

इधर रायपुर में भाजपा नेता खुबलाल ध्रुव ने माओवादियों पर जमकर निशाना साधा। खुबलाल ने माओवादियों से यह सवाल पूछा कि शांति वार्ता और लोकतंत्र की दुहाई देने वाले नक्सली आख़िर कब तक निर्दोष आदिवासियों की हत्या करते रहेंगे। बंदूक़ के बल पर ग़रीब जनता पर अत्याचार करने वाले माओवादी को क्या बस्तर की जनता ने आमंत्रण देके बुलाया था? माओवादी संगठन ही आदिवासियों की मौत के लिए ज़िम्मेदार है चाहे माओवादी ग्रामीणों को मारे या उनके वहाँ होने से जो आदिवासी मारे गये उसके लिए माओवादी ही ज़िम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के माओवादियों को अपना बोरिया बिस्तर समेट कर समाज की मुख्य धारा में शामिल हो जाना चाहिए। यह ना सिर्फ़ नक्सली संगठन के हित में होगा बल्कि दोनों तरफ़ से प्रताड़ित और शोषित आदिवासी समाज को भी चैन से जीने मिलेगा।

क्या यह सही नहीं है कि माओवादियों की बन्दूकों से आदिवासी तंग आ चुके हैं। माओवादी के आने से ही सुरक्षा बलों को आना पड़ा और आज पुलिस मुखबिर का बहाना बनाकर माओवादी खून की नदी बहा रहे हैं।

खुबलाल ने यह भी कहा कि हमारी केंद्र और राज्य सरकार 2026 तक माओवादियों का सफ़ाया कर आदिवासी समाज को इस हिंसा से मुक्ति दिलायेगी।

ग़ौरतलब है कि बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित पेद्दाकोरमा गांव में मंगलवार की देर शाम को संदिग्ध माओवादियों ने एक छात्र समेत तीन ग्रामीणों की गला घोंट कर हत्या कर दी थी. मारे गए तीनों ग्रामीण आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी दिनेश मोडियम के रिश्तेदार झिंगू मोडियम, सोमा मोड़ियम और अनिल माड़वी थे.

इस घटना को अंजाम देने के बाद माओवादियों ने 7 अन्य ग्रामीणों के साथ मारपीट भी की. इसके बाद दर्जनभर ग्रामीणों को बंधक बनाकर अपने साथ ले गए थे. इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है. पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. बुधवार को सभी ग्रामीण सुरक्षित वापस गांव लौटे तब परिजनों ने राहत की सांस ली.

ग्रामीणों के मुताबिक मंगलवार को गांव पहुंचे संदिग्ध माओवादियों में नक्सली कमांडर वेल्ला और उसकी टीम के सदस्य थे. नक्सलियों की कायराना करतूत से आदिवासियों में भारी ग़ुस्सा है।