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रतनपुर के माटीपुत्र शिव मोहन बघेल की हुंकार – “बचाओ रतनपुर की पहचान, वरना इतिहास बन जाएगा इतिहास!”

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रतनपुर। रतनपुर की माटी से उठे और इसी माटी से प्रेम करने वाले शिव मोहन बघेल ने नगर विकास और प्राचीन धरोहरों की बदहाली पर बड़ा बयान दिया है। बीजेपी के पूर्व जिला मंत्री बघेल ने आज स्थानीय पत्रकारों के बीच प्रेस वार्ता में खुलकर शासन और पुरातत्व विभाग की अनदेखी पर सवाल उठाए।

बघेल ने कहा, “रतनपुर की ऐतिहासिक धरोहरें गज किला हो या बिकमा तालाब, ये सब हमारी पहचान हैं। लेकिन अफसोस! इन्हें देखने वाला कोई नहीं। अब अगर हम सब नहीं जागे, तो ये धरोहरें सिर्फ किताबों और किस्सों में रह जाएंगी।”

👉 गजब की बातें, गजब के मुद्दे
प्रेस वार्ता में बघेल ने सीधे-सीधे नगर की समस्याओं की चीर-फाड़ की। उन्होंने कहा—
⚡ बरसात में स्ट्रीट लाइटें नींद में रहती हैं।
⚡ पानी की समस्या से जनता परेशान है।
⚡ तालाब अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं।

बघेल ने साफ कहा कि अब नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को मिलकर इन मुद्दों को शासन तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कहाँ कि रतनपुर अगर अब नहीं जागा तो अपनी पहचान खो बैठेगा।

अमृत मिशन पर जताई खुशी
अंत में बघेल ने रतनपुर को अमृत मिशन योजना की स्वीकृति मिलने पर अपनी खुशी जताई और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नगर की जनता की ओर से आभार प्रकट किया।

🚩 तो क्या रतनपुर की माटी की खुशबू फिर से बिखरेगी? क्या धरोहरें फिर से संवरेंगी? वक्त अब रतनपुर की जनता और प्रशासन के जागने का है!