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रानी गाँव में सात दिवसीय भागवत कथा, तीज पर्व पर महिलाओं ने किया सामूहिक रुद्राभिषेक

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रतनपुर। समीपस्थ ग्राम रानी गाँव में सात दिवसीय संगीत मय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन धार्मिक उत्साह और भक्ति भाव के बीच जारी है। गाँव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए पहुँच रहे हैं और संगीतमय माहौल में भक्ति रस का अनुभव कर रहे हैं।

मुख्य यजमान और आयोजन

इस आयोजन में गजाधर–आशा देवांगन तथा कृष्ण–शुरेखा देवांगन मुख्य यजमान के रूप में श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण कर रहे हैं। कथा पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रद्धालुओं के बैठने से लेकर प्रसाद वितरण तक की विशेष व्यवस्था की गई है।

कथा वाचक पंडित अनुराग दुबे

भागवत कथा का वाचन पंडित अनुराग दुबे कर रहे हैं। अपनी मधुर वाणी और संगीतमय प्रस्तुति से उन्होंने पाँचवें दिन भक्तिमार्ग की महिमा और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि –
“मनुष्य जीवन का परम उद्देश्य ईश्वर की भक्ति है। भागवत कथा सुनने से जन्म–जन्मांतर के बंधन मिटते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।”

तीज पर्व पर विशेष आयोजन

कथा के दौरान तीज पर्व का भी उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। इस अवसर पर गाँव की महिलाओं ने सामूहिक रूप से रुद्राभिषेक किया। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएँ शिवलिंग पर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करती रहीं। पूरे पंडाल में ‘हर-हर महादेव’ और भक्ति गीतों की गूंज ने माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।

श्रद्धालुओं का उत्साह और गाँव का माहौल

कथा पंडाल में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। महिलाएँ समूह भजन गाती हैं, बच्चे और बुजुर्ग भी कथा व पूजा में शामिल हो रहे हैं। मृदंग, झांझ और कीर्तन की धुन से पूरा गाँव भक्ति रस में डूबा हुआ है। ग्रामीण इसे अपने गाँव का सौभाग्य मानते हुए तन, मन और धन से आयोजन की सेवा कर रहे हैं।