Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से करेगा मुलाकात, बढ़ती...

छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से करेगा मुलाकात, बढ़ती कीमतों और ऑनलाइन दबदबे पर जताई चिंता

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

कमल सोनी बोले -मुख्यमंत्री व बीआईएस के साथ मंच साझा करना स्वर्णिम अवसर

सोना 12.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार, चांदी 1.6 लाख के करीब

पारंपरिक कारोबारियों ने मांगा नीति संरक्षण और ब्याजमुक्त ऋण
रायपुर, 13 अक्टूबर: सोना और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल ने छत्तीसगढ़ के सराफा बाजारों में उत्साह के साथ चिंता भी बढ़ा दी है। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात करेगा। बैठक में व्यापारी बढ़ती अस्थिरता, ऑनलाइन प्रतिस्पर्धा और पारंपरिक व्यापार के अस्तित्व से जुड़ी चिंताओं को साझा करेंगे। यह मुलाकात विश्व मानक दिवस (World Standards Day) के अवसर पर होगी, जिसमें भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और राज्य सरकार के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

कमल सोनी ने कहा, “मुख्यमंत्री और बीआईएस के समक्ष अपने विचार रखने का यह हमारे लिए स्वर्णिम अवसर है। हमें उम्मीद है कि सरकार पारंपरिक सराफा व्यापार की स्थिरता और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाएगी।”

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिका-चीन तनाव और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में संभावित कटौती के संकेतों के बीच सोने में तेज़ी का रुख जारी है। रायपुर स्पॉट मार्केट में सोमवार को सोना 12.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया, जबकि चांदी की दर 1.6 लाख रुपये प्रति किलो के करीब रही। विशेषज्ञों के अनुसार सोने का सपोर्ट स्तर 12 लाख रुपये और रेज़िस्टेंस स्तर 13.15 लाख रुपये के बीच है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में अचानक मुनाफावसूली की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

त्योहारी सीजन में जहां बिक्री में सुधार दिखा है, वहीं छोटे और पारंपरिक व्यापारियों के लिए यह तेजी चिंता का कारण बन गई है। कमल सोनी ने कहा, “बड़ी कंपनियां और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अवास्तविक ऑफ़र और भ्रामक छूट देकर ग्राहकों को भ्रमित कर रहे हैं। इससे पारंपरिक कारोबारी, जिन्होंने पीढ़ियों से इस उद्योग को संभाला है, अब अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं।” उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से ब्याजमुक्त ऋण सुविधा, राज्य-स्तरीय स्वर्ण-रजत व्यापार नीति और ऑनलाइन मूल्य हेराफेरी पर नियंत्रण जैसी प्रमुख मांगें रखेगा।

एसोसिएशन के प्रवक्ता ने कहा कि पारंपरिक ज्वेलरी व्यापार को राज्य की संरक्षण नीति में शामिल करने की आवश्यकता है। “यह सिर्फ व्यापार नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है,” उन्होंने कहा, “यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो छोटे व्यापारी धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे।”

कमल सोनी ने कहा, “मंगलवार की बैठक हमारे पूरे सराफा समुदाय के लिए निर्णायक साबित होगी। यह तय करेगी कि सोने की यह अभूतपूर्व चमक स्थिरता और विकास का रास्ता खोलेगी या पारंपरिक व्यापारियों के संघर्ष को और गहरा करेगी।”