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जीएसटी का सबसे बड़ा शॉर्टकट! ₹1.5 करोड़ तक कारोबार वालों को बार-बार रिटर्न के झंझट से छुटकारा

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नई दिल्ली. भारत में जीएसटी लागू होने के बाद छोटे व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुपालन (Compliance) की रही है. हर महीने रिटर्न दाखिल करना, बिलों का रिकॉर्ड रखना और टैक्स नियमों के लगातार बदलते स्वरूप को समझना आसान काम नहीं है. छोटे दुकानदारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ कई बार कारोबार से ज्यादा भारी पड़ता है. इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने कंपोजिशन स्कीम की शुरुआत की. इसका मकसद छोटे कारोबारियों को आसान टैक्स व्यवस्था उपलब्ध कराना है. इस स्कीम में विस्तृत अकाउंटिंग और दर्जनों रिटर्न भरने की जरूरत नहीं पड़ती. व्यापारी अपनी कुल बिक्री के आधार पर एक निश्चित दर से टैक्स जमा कर सकता है.

यदि किसी व्यापारी का सालाना कारोबार 1.5 करोड़ रुपये तक है तो वह इस स्कीम का लाभ ले सकता है. उत्तर पूर्वी राज्यों और कुछ विशेष राज्यों के लिए यह सीमा 75 लाख रुपये निर्धारित की गई है. किराना स्टोर, कपड़ा व्यापारी, इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानें, छोटे मैन्युफैक्चरर्स और बिना शराब परोसने वाले रेस्टोरेंट इस योजना के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल हैं.

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