इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है. इस मामले में अमेरिका और यूरोप भी काफी पीछे छूट चुके हैं. सिर्फ चीन ही एकमात्र ऐसा देश है जो इस मामले में भारत से आगे है. दुनिया में होने वाले कुल कंस्ट्रक्शन में चीन और भारत की कुल हिस्सेदारी 40 फीसदी है. बर्लिन स्थित वेंचर कैपिटल फर्म फाउंडामेंटल की हालिया रिपोर्ट स्टेट ऑफ द प्रोजेक्ट इकॉनमी 2026 में बताया गया है कि साल 2020 से 2030 के बीच ग्लोबल कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र की ग्रोथ में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा योगदान करने वाला देश बन चुका है.
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 से 2030 के दौरान ग्लोबल कंस्ट्रक्शन की कुल ग्रोथ में भारत और चीन की संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 40% रहने का अनुमान है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत निवेश) तेजी से 5 देशों भारत, चीन, अमेरिका, जर्मनी और फ्रांस में केंद्रित होता जा रहा है. इन 5 देशों में ही इन्फ्रा परियोजनाओं पर सबसे ज्यादा निवेश हो रहा है. इसमें भी चीन फिलहाल सबसे आगे है और भारत उसके बिलकुल पीछे.



