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भारत के लिए ईरान का बड़ा ऑफर! रियायती कच्चा तेल देने की तैयारी, 60 दिन की छूट बना मौका

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अमेरिका की ओर से ईरान को 60 दिनों की अस्थायी प्रतिबंध राहत मिलने के बाद तेहरान ने अपने तेल निर्यात को बढ़ाने की कोशिशें तेज कर दी हैं. इसी कड़ी में भारतीय रिफाइनरियों को रियायती कीमतों पर ईरानी कच्चा तेल खरीदने के प्रस्ताव भेजे गए हैं. जानकारी के अनुसार, ईरान चाहता है कि इस सीमित समय का अधिकतम फायदा उठाकर वह अपने पुराने ग्राहकों के साथ व्यापार फिर से बढ़ाए. भारत, जो कभी ईरान का प्रमुख तेल खरीदार रहा है, अब एक बार फिर उसकी प्राथमिकता में शामिल दिखाई दे रहा है. इससे दोनों देशों के ऊर्जा सहयोग को नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है.

NIOC और कई ट्रेडर्स ने भारतीय कंपनियों से किया संपर्क
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की रिफाइनरियों से सीधे ईरान की सरकारी तेल कंपनी नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) ने संपर्क किया है. इसके अलावा सिंगापुर और दुबई की कई छोटी और मध्यम ट्रेडिंग कंपनियां भी भारतीय कंपनियों को ईरानी तेल खरीदने का प्रस्ताव दे रही हैं. सूत्रों का कहना है कि कई ट्रेडर्स के पास NIOC की ओर से आवंटित तेल उपलब्ध है और वे जल्द सौदे करना चाहते हैं. हालांकि भारतीय रिफाइनरियों की प्राथमिकता फिलहाल सीधे NIOC के साथ बातचीत करने की बताई जा रही है. इस दौरान ईरान के पेट्रोलियम मंत्री मोहसिन पाकनेजाद की भारत यात्रा के दौरान कच्चे तेल और एलपीजी की संभावित आपूर्ति पर भी चर्चा हुई.
फिलहाल सीमित है खरीद की गुंजाइश
हालांकि ईरान की ओर से प्रस्ताव मिलने के बावजूद भारतीय कंपनियों के लिए तुरंत बड़ी मात्रा में तेल खरीदना आसान नहीं होगा. इसकी वजह यह है कि अधिकांश रिफाइनरियां अगस्त तक की अपनी जरूरत के अनुसार पहले ही दूसरे देशों से आपूर्ति के समझौते कर चुकी हैं. इसके अलावा मध्य पूर्व के अन्य तेल आपूर्तिकर्ता भी चाहते हैं कि भारतीय कंपनियां अपने वार्षिक अनुबंधों का पालन करें. ऐसे में ईरानी तेल की खरीद शुरू होने में कुछ समय लग सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि भुगतान व्यवस्था और बैंकिंग चैनलों को लेकर स्पष्टता आने के बाद ही बड़े स्तर पर व्यापार संभव होगा.

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