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भाजपा सरकार में कांग्रेसी ठेकेदार को करोड़ों का टेंडर: मंत्रियों के नाक के नीचे हो रहा खेल, अफसरों की मिलीभगत से मिल रहा करोड़ों का टेंडर, सरकार तक पहुंची बात

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*भाजपा सरकार में कांग्रेसी ठेकेदार को करोड़ों का टेंडर: मंत्रियों के नाक के नीचे हो रहा खेल, अफसरों की मिलीभगत से मिल रहा करोड़ों का टेंडर, सरकार तक पहुंची बात*

– *अधिकारियों पर गिर सकती है गाज…*

– *जिस ठेकेदार के घर पांच बार ईओडब्ल्यू की रेड, उसे मिल रहा काम*

– *शराब और डीएमएफ घोटाले मामले में घोटाले के आरोप*

– *तब भी भाजपा सरकार के अफसर हैं मेहरबान…*

*रायपुर*। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है और इस सरकार में मौज में कांग्रेस से जुड़े लोग और उनके ठेकेदार हैं। इनकी मौज कराने वाले कोई और नहीं, विभागों में पदस्थ अफसर हैं। जो कमीशनखोरी के चक्कर में घटिया सामान सप्लाई कर रहे हैं। साथ ही भाजपा सरकार की नैय्या डूबाने में लगे हैं। ऐसे कई ठेकेदार हैं, जो कांग्रेसी हैं या कांग्रेसी मानसिकता के हैं। इन सबमें एक खास ठेकेदार हैं। ये धमतरी मूल के रहने वाले हैं। खुद को “दोषी” बताते हैं। घोटालों से इनका खास नाता रहा है। शराब घोटाले से लेकर डीएमएफ घोटाले में ईओडब्ल्यू की टीम रेड मार चुकी है। बावजूद इस सप्लायर का जलवा-जुलूम गजब है।

*अपने हिसाब से बनवाते हैं टेंडर के नियम…*
जिस सप्लायर का जिक्र हो रहा है, वो विभागों के इतने खास हो गए हैं कि अफसरों के साथ मिलकर टेंडर नियम भी अपने हिसाब से बनवा रहे हैं। अफसरों से सेटिंग करके सबकुछ खुद ही तय करते हैं। क्या नियम होगा?, क्या आयटम्स होंगे?, कब तक सप्लाई करनी होगी?, ऊपर कितना कमीशन पहुंचाना है? ये सब दोषी ही तय करते हैं। सबसे ज्यादा काम आदिम जाति एवं विकास विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग में दोषी का जलवा है। ये बात बाहर इसलिए आई है क्योंकि इस दोषी की कंप्लेन हो गई है मुखिया से। अब बात मुखिया तक गई तो कंप्लेन पर कार्रवाई भी लाजिमी है। अब उन अफसरों की सूची बन रही है, जो सीधे दोषी से कमीशन सेट कर वसूल रहे हैं या दोषी के लिए नियम बना रहे हैं। ऐसे अफसरों की सूची बनाने का काम किया जा रहा है।

*कोई कांपीटिशन नहीं चाहते दोषी…*
जब कोई सामान सप्लाई करना होता है या काम निकलता है तो सबसे पहले दोषी से जुड़े अफसरों के कान खड़े होते हैं। दोषी को फोन जाता है कि फलाना काम आ रहा है, तैयारी कर लो। दोषी जी बिना देरी किए सब लाइनअप करते हैं और कांपीटिशन में कोई न आए इस बात का ख्याल रखते हैं। बकायदा डमी कंपनी खड़ी करके खुद कांपीटिशन में एल-1 आते हैं। इन्हें सपोर्ट करने के लिए अफसर अपनी जी-जान लगा देते हैं।

*पार्टनर्शिप में 80 करोड़ का काम…*
इनका पूरा परिवार कांग्रेसी है। चुनाव भी लड़ चुके हैं कांग्रेस की टिकट से। अब तक महिला एवं बाल विकास विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग में सप्लाई का काम करते हैं। चद्दर, कंबल, गणवेश से लेकर अन्य सामाग्री की सप्लाई करते हैं। अब कंस्ट्रक्शन से जुड़े काम में भी कूद पड़े हैं। वहां भी पार्टनर के साथ मिलकर 80 करोड़ का ठेका मिल गया है।

*मंत्री भी भन्ना गए, जांच कराने की बात…*
दरअसल, इस बारे में विभागीय मंत्रियों तक बात पहुंच गई है। उनमें से एक ने कहा है कि, कांग्रेस सरकार में घोटाले करने वालों को साय सरकार कार्रवाई जरूर करेगी। रही बात, सप्लाई का काम लेने की, तो ये कैसे हो रहा है? इसकी जांच कराने की बात उन्होंने कही है। क्योंकि, मंत्रीजी भी हैरान है कि ऐसे कांग्रेसी प्रोफाइल वाले सप्लायर को ठेका कौन अफसर दे रहा है? उनकी भूमिका पर सवाल है। जल्द ही उस अफसर की पूरी कुंडली सामने आने वाली है। ताकि, उसके खिलाफ कार्रवाई हो।