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डबरी बनी रामभजन की समृद्धि का आधार, खेती के साथ मछली पालन से बढ़ी आय

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कवर्धा : डबरी बनी रामभजन की समृद्धि का आधार, खेती के साथ मछली पालन से बढ़ी आय

 

 

 

 

 

विकसित भारत जी राम जी योजना से मिला रोजगार, सिंचाई का साधन और आजीविका का नया अवसर

कवर्धा, 31 अगस्त 2026

कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत बोड़ला अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ी के निवासी श्री रामभजन पिता श्री लतेल के जीवन में विकसित भारत जी राम जी योजना से निर्मित आजीविका डबरी ने सकारात्मक बदलाव लाया है। लगभग 1.80 लाख की लागत से निर्मित डबरी ने उनकी 50 डिसमिल भूमि को सिंचाई और आजीविका के नए साधन से जोड़ दिया है। डबरी निर्माण से पहले रामभजन वर्षा आधारित खेती पर निर्भर थे। सिंचाई का पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण 50 डिसमिल भूमि का पूरा उपयोग नहीं हो पाता था और खेती से उन्हें सालाना लगभग 8,000 से 10,000 की ही आय प्राप्त होती थी। ग्राम सभा के माध्यम से उन्हें योजना और डबरी से मिलने वाले आजीविका अवसरों की जानकारी मिली। इसके बाद उनकी मांग पर डबरी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई।

योजना के माध्यम से निर्मित डबरी ने रामभजन की आजीविका को नई दिशा दी। अब डबरी में मछली पालन किया जा रहा है और इसकी मेड़ों पर मौसमी सब्जियों का उत्पादन भी हो रहा है। वर्षभर पानी की उपलब्धता से कृषि और मत्स्य पालन दोनों गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। इससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 60,000 से 70,000 तक अतिरिक्त आय प्राप्त होने की संभावना है।

डबरी निर्माण कार्य ने रामभजन और उनके परिवार सहित अन्य ग्रामीणों को भी रोजगार उपलब्ध कराया। इस कार्य में 1.66 लाख का मजदूरी भुगतान किया गया तथा कुल 697 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ। इस प्रकार योजना ने एक ओर ग्रामीण परिवार को रोजगार दिया, वहीं दूसरी ओर स्थायी जल संरचना तैयार कर भविष्य की आजीविका का आधार भी मजबूत किया। डबरी से आसपास के लगभग 1 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होने की संभावना है। साथ ही वर्षा जल के संरक्षण से भू-जल स्तर बढ़ाने और आसपास के हैंडपंपों को रिचार्ज करने में भी मदद मिलेगी।

श्री रामभजन के लिए यह डबरी अब केवल पानी संग्रह करने की संरचना नहीं, बल्कि खेती, मत्स्य पालन, रोजगार और अतिरिक्त आय का आधार बन गई है। उनका अनुभव बताता है कि जब ग्रामीणों को रोजगार के साथ जल संरक्षण और आजीविका से जोड़ने वाली परिसंपत्तियां मिलती हैं, तो सीमित संसाधनों में भी आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार होती है। विकसित भारत जी राम जी योजना के माध्यम से तैयार यह आजीविका डबरी जल संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसान परिवारों की आय बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक पहल का उदाहरण बन रही है।