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शासकीय जमीन पर पीएम आवास, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं,,नियम गरीबों के लिए, जनप्रतिनिधि को शासकीय जमीन पर पीएम आवास

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पथरिया/कुकुसदा। पथरिया विकासखंड के ग्राम कुकुसदा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन के स्पष्ट नियमों की अनदेखी करते हुए शासकीय भूमि पर बने मकान के लिए गांव के एक जनप्रतिनिधि को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान कर दिया गया। जबकि शासन के नियमों के अनुसार शासकीय भूमि पर बने मकान को इस योजना का लाभ दिए जाने का प्रावधान नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले में ग्राम सचिव एवं आवास मित्र की मिलीभगत से पात्रता नियमों की अनदेखी कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि प्रभावशाली व्यक्ति होने के कारण नियमों को दरकिनार कर आवास स्वीकृत कर दिया गया, जबकि गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों को छोटी-छोटी कमियों का हवाला देकर योजना के लाभ से वंचित कर दिया जाता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक न तो ग्राम सचिव और न ही आवास मित्र के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई की गई है। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि आम व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन प्रभावशाली लोगों के मामलों में प्रशासन मौन बना रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की अनियमितताओं से प्रधानमंत्री आवास योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों के बजाय प्रभावशाली लोगों को मिलेगा तो योजना का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषी पाए जाने वाले ग्राम सचिव, आवास मित्र तथा इसमें संलिप्त किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि के विरुद्ध तत्काल कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि जांच में शासकीय भूमि पर नियमों के विपरीत प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित आवास की स्वीकृति निरस्त कर शासन को हुई आर्थिक क्षति की वसूली भी दोषियों से की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मामले में भी कार्रवाई नहीं होती है तो यह शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा तथा भ्रष्टाचार को संरक्षण मिलने का संदेश जाएगा।

क्या जांच सही पाए जाने पर FIR होगी?

क्या जांच सही पाए जाने पर उस जनप्रतिनिधि से पैसे की वसूली की जाएगी?

क्या जांच सही पाए जाने पर वह जमीन से बेदखली की जाएगी?

सारे सवालों का जवाब करवाई के उपरांत

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