कोरबा- शुक्लाबखार के चांदनी चौक में महिलाओं द्वारा हलषष्ठी पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने व्रत रखकर विधि-विधान से हलषष्ठी माता एवं भगवान बलराम की पूजा-अर्चना की और अपनी संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की कामना की।
हलषष्ठी पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूजा स्थल पर महिलाएं पारंपरिक रूप से एकत्रित हुईं और सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।
संतान की रक्षा और दीर्घायु की मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार हलषष्ठी के दिन भगवान बलराम का जन्म हुआ था। भगवान बलराम का प्रमुख अस्त्र हल होने के कारण इस पर्व का संबंध कृषि और हल से भी माना जाता है। माताएं इस दिन संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं।
हलषष्ठी के दिन महिलाएं विशेष पूजा सामग्री के साथ पूजा करती हैं और परंपरा के अनुसार हल से जुड़ी फसलों से प्राप्त अन्न का सेवन नहीं करतीं। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजन करने से संतान पर आने वाले संकट दूर होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
चांदनी चौक शुक्लाखार में भक्तिमय माहौल
चांदनी चौक शुक्लाखार में आयोजित पूजन के दौरान, प्रिया,प्रीतम, पूजा के साथ महिलाओ ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर पर्व की परंपराओं को निभाया। महिलाओं ने एक-दूसरे को हलषष्ठी पर्व की शुभकामनाएं दीं। धार्मिक आयोजन के चलते क्षेत्र में पूरे दिन आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा।
हलषष्ठी पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह मां और संतान के बीच अटूट प्रेम एवं परिवार की खुशहाली की कामना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पारंपरिक परंपरा भी है।



