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10.72 लाख के 816 सिलेंडरों की हेराफेरी, गैस एजेंसी के चार जिम्मेदारों पर एफआईआर  

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रायगढ़ : 10.72 लाख के 816 सिलेंडरों की हेराफेरी, गैस एजेंसी के चार जिम्मेदारों पर एफआईआर

 

 

 

जिंदल परिसर की इंडेन एजेंसी में स्टॉक जांच से खुली गड़बड़ी, 1,878 उपभोक्ताओं को डिलीवरी दिए बिना ऑनलाइन वितरण दर्शाने का भी मामला

रायगढ़, 29 सितम्बर 2026

जिंदल परिसर के गेट नंबर-02 स्थित इंडेन गैस एजेंसी में घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों के स्टॉक तथा वितरण में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। कलेक्टर न्यायालय के आदेश के बाद खाद्य विभाग की जांच में 10 लाख 72 हजार 150 रुपये मूल्य के 816 गैस सिलेंडर स्टॉक से कम पाए गए। वहीं, 1,878 उपभोक्ताओं को सिलेंडर की वास्तविक डिलीवरी दिए बिना ही ऑनलाइन वितरण दर्ज किए जाने का मामला भी सामने आया है। जांच के आधार पर खाद्य विभाग की शिकायत पर कोतरा रोड पुलिस ने एजेंसी से जुड़े चार जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7 के तहत अपराध दर्ज किया है।

रिकॉर्ड में थे सिलेंडर, गोदाम में नहीं मिले

कलेक्टर के निर्देश पर सहायक खाद्य अधिकारी अंजनी कुमार राव और खाद्य निरीक्षक चूड़ामणी सिदार की संयुक्त टीम ने एजेंसी और गोदाम का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध सिलेंडरों का मिलान किया गया। जांच में 14.2 किलोग्राम के 633 भरे घरेलू सिलेंडर कम मिले। इसी तरह 19 किलोग्राम के 56 भरे और 127 खाली व्यावसायिक सिलेंडर भी स्टॉक में कम पाए गए। इस तरह कुल 816 सिलेंडरों की कमी सामने आई, जिनकी कीमत 10.72 लाख 15 हजार रुपये आंकी गई है।  जांच में इसके उलट 505 खाली घरेलू सिलेंडर अधिक मिले। इनमें 304 सिलेंडरों की सील खुली हुई थी, हालांकि इनमें गैस नहीं पाई गई।

बुकिंग हुई, इनवॉइस बना, लेकिन उपभोक्ताओं को नहीं मिला सिलेंडर

जांच के दौरान सामने आया कि एजेंसी में कई उपभोक्ताओं ने गैस रिफिल की बुकिंग कराई थी। इनवॉइस भी जनरेट हुआ, लेकिन उन्हें सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिली। मौके पर पहुंचे उपभोक्ताओं और फोन पर प्राप्त शिकायतों की पड़ताल में ऐसे 1,878 उपभोक्ता सामने आए। जांच में यह भी पाया गया कि नया गैस लोड मंगाने के लिए कई मामलों में उपभोक्ताओं को सिलेंडर दिए बिना ही ऑनलाइन स्टॉक में उसकी डिलीवरी दर्ज कर दी गई। इस तरह रिकॉर्ड में वितरण दिखता रहा, जबकि उपभोक्ता वास्तविक डिलीवरी का इंतजार करते रहे।

भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में सुरक्षा व्यवस्था में भी गंभीर कमियां मिलीं। निरीक्षण में सुरक्षा द्वार नहीं मिला, परिसर में सूखे पत्ते बिखरे हुए थे और केवल एक अग्निशमन यंत्र उपलब्ध पाया गया। गैस सिलेंडरों के भंडारण वाले परिसर में सुरक्षा मानकों की इस स्थिति को भी जांच में दर्ज किया गया है।

एजेंसी प्रभारी से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक नामजद

जांच में द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 के प्रावधानों के उल्लंघन के तथ्य सामने आने के बाद सहायक खाद्य अधिकारी की लिखित शिकायत पर कोतरा रोड पुलिस ने मामला दर्ज किया। एफआईआर में टीकाराम पटेल (एजेंसी प्रभारी), भजराम धोबी (गोदाम प्रभारी), चेतन बरेठ (कंप्यूटर ऑपरेटर) और आशीष गेरा (जिंदल प्रबंधन के अधिकारी) को नामजद किया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की आगे की वैधानिक विवेचना शुरू कर दी है। जांच में सिलेंडरों के स्टॉक में कमी, वितरण की ऑनलाइन प्रविष्टियों और उपभोक्ताओं को वास्तविक डिलीवरी नहीं मिलने से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच सहीं पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।