Home छत्तीसगढ़ बस्तर ओलंपिक 2026 : 30 अक्टूबर तक पंजीयन का अंतिम अवसर, अब...

बस्तर ओलंपिक 2026 : 30 अक्टूबर तक पंजीयन का अंतिम अवसर, अब तक 72,811 लोगों ने कराया पंजीयन  

0
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

सुकमा : बस्तर ओलंपिक 2026 : 30 अक्टूबर तक पंजीयन का अंतिम अवसर, अब तक 72,811 लोगों ने कराया पंजीयन

 

 

 

 

 

खेलेंगे बस्तर के सितारे, चमकेगा छत्तीसगढ़रू 11 खेलों में होगा प्रतिभाओं का महासंग्राम

प्रशासन ने अधिक से अधिक लोगों को बस्तर ओलंपिक में पंजीयन करने की अपील

सुकमा, 29 अक्टुबर 2026

छत्तीसगढ़ शासन के बहुप्रतीक्षित बस्तर ओलंपिक 2026 का आगाज होने जा रहा है। “हमारा खेल, हमारा बस्तर, हमारी पहचान” की थीम पर आयोजित इस खेल महोत्सव में बस्तर की खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता और हुनर दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा। 1 से 30 अक्टूबर तक पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। खास बात यह है कि सुकमा जिले में खेलों को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और अब तक 72,811 खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन करा लिया है।

सुकमा जिले के विकासखंडवार आंकड़ों पर नजर डालें तो छिन्दगढ़ 31,989 पंजीयनों के साथ सबसे आगे है। वहीं कोंटा से 17063 और सुकमा विकासखंड से 23759 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। जिले में कुल 22241 पुरुष और 50,570 महिला प्रतिभागियों की विभिन्न श्रेणियों में दर्ज भागीदारी खेलों के प्रति युवाओं और महिलाओं के बढ़ते रुझान को दर्शाती है। यह उत्साह बस्तर ओलंपिक के व्यापक प्रभाव और सफल आयोजन की उम्मीदों को और मजबूत कर रहा है।

11 खेलों में होगा प्रतिभा का प्रदर्शन। एथलेटिक्स, तीरंदाजी, फुटबॉल, कराते, कबड्डी, वॉलीबॉल और खो-खो सहित कुल 11 खेल विधाओं में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता में 14 से 17 वर्ष के जूनियर वर्ग के साथ सीनियर महिला एवं पुरुष वर्ग के खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे। मुकाबलों का पहला चरण 1 से 13 नवंबर तक विकासखंड स्तर पर, दूसरा चरण 16 से 25 नवंबर तक जिला स्तर पर और अंतिम चरण 7 से 11 दिसंबर तक संभाग स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

बस्तर के खेल मैदानों से निकलेगी नई पहचान मिलेगी। जिला प्रशासन के द्वारा मोबाइल लिंक अथवा क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जबकि आधार कार्ड नंबर अनिवार्य रखा गया है। बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं की प्रतिभा को पहचान, अवसर और नई दिशा देने का अभियान है। अब बस्तर के हजारों खिलाड़ियों की निगाहें मैदान पर हैंकृजहां वे अपने हुनर का दम दिखाएंगे और खेल के जरिए बस्तर और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने का सपना साकार करेंगे।