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ISI ने भारतीय अधिकारियों को दी थी धमकी, कहा- ‘तुम्हारे 2 लोग हमारे कब्जे में’

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नई दिल्ली। दुनियाभर में अपनी अच्छी छवि बनाने की कोशिश में लगे पाकिस्तान की नापाक हरकतें बंद होने का नाम ही नहीं ले रही है। अब पाकिस्तानी अधिकारियों के भारतीय उच्चायुक्तों से बदसलूकी की खबरें सामने आ रही हैं। बताते चलें कि पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना के विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

इससे बौखलाए पाकिस्तान के एफ-16 विमानों ने 27 फरवरी को भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की असफल कोशिश की थी। मगर, भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन ने मिग-21 विमान से उन्हें न सिर्फ खदेड़ दिया था, बल्कि एक एफ-16 विमान को भी मार गिराया था। हालांकि, इस दौरान उनका मिग भी क्रैश होकर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में गिर गया था और पाकिस्तानी सेना ने उन्हें कब्जे में ले लिया था।

अब खबर है कि आईएसआई ने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्तों और अन्य अधिकारियों को काफी परेशान किया था। 28 फरवरी को भारतीय अधिकारी इंडियन हाई कमीशन की कार से एम्बेसी में जा रहे थे। इस दौरान उनकी कार का न सिर्फ आक्रामक तरीके से पीछा किया गया, बल्कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों ने उनकी कार को बीच रस्ते में रोक भी दिया।

इसके बाद पाकिस्तान के दो अधिकारियों में से एक ने भारतीय अधिकारियों को धमकी देते हुए कहा था- तुम्हारे 2 लोगों को हमने अपने कब्जे में ले रखा है और फिर भी तुम लोग समस्या पैदा कर रहे हो और अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हो। पाकिस्तान ने 27 फरवरी को दावा किया था कि उसने भारत के दो विमानों को मार गिराया है और दो भारतीय पायलट को हिरासत में ले रखा है।

हालांकि, बाद में पता चला कि उन्होंने सिर्फ एक ही भारतीय विमान को गिराया था और उनके कब्जे में भी सिर्फ एक ही भारतीय पायलट था। भारत ने विंग कमांडर अभिनंदन को हिरासत में लिए जाने पर भारत के विदेश मंत्रालय ने बेहद सख्त आपत्ति दर्ज की थी। इसके जवाब में आईएसआई ने एक भारतीय अधिकारी से बेहद धमकी भरे अंदाज में कहा था- हमने तुम्हारे 2 लोगों को पकड़ लिया है और फिर भी तुम हमारे लिए परेशानियां खड़ी कर रहे हो। इतना होने के बाद भी तमीज से पेश नहीं आ रहे हो।

28 फरवरी को ही भारतीय अधिकारियों को परेशान करने की एक और घटना सामने आई थी। पाकिस्तानी अधिकारियों ने दो भारतीय अधिकारियों की कार का पीछा किया और उनकी तस्वीरें उतारने की कोशिश की। ऐसी ही एक और घटना में खरीदारी के लिए गए एक भारतीय अधिकारी का आईएसआई ने लगातार पीछा किया और महज 10 मीटर की दूरी बरतते हुए बाइक से उनके पीछे-पीछे चलता रहा।

सरकार ने इन तीनों घटनाओं का विरोध बुधवार को उस वक्त भी दर्ज किया, जब करतारपुर कॉरिडोर खोलने पर चर्चा के लिए भारत ने 14 मार्च की तारीख निश्चित की। भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 14 तारीख को बातचीत अटारी बॉर्डर से ही होगी। भारतीय अधिकारियों के उत्पीड़न का पाकिस्तान कोई मौका नहीं छोड़ रहा। राजनायिकों के परिवारों का इस तरह उत्पीड़न करना वियना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशन्स 1961 का उल्लंघन है।

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