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छत्तीसगढ़ : डाक्टर पुनीत गुप्ता की तलाश में पिता के अस्पताल पर छापा, कई दस्तावेज ले गई पुलिस

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रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद एवं डीकेएस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के पूर्व अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता की तलाश में गुरुवार शाम को आजाद चौक सीएसपी नसर सिद्दिकी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने न्यू राजेंद्र नगर स्थित उनके पिता डॉ.जीबी गुप्ता के जीबीजी किडनी सेंटर में छापा मारा। इस दौरान वहां पर पिता-पुत्र नहीं थे।

फोन पर सीएसपी ने डॉ. जीबी गुप्ता से बात कर जांच में सहयोग करने को कहा तो उन्होंने सर्च वारंट को लेकर सवाल उठाया। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों की मौजूदगी में पुलिस ने करीब दो घंटे तक अस्पताल के तीन कक्षों में रखे दस्तावेजों को खंगाला। ऊपरी तल पर ही निवास स्थान है। वहां भी एक-एक कमरे को खुलवाकर पुलिस ने जांच की। जांच में डीकेएस अस्पताल से जुड़े कई अहम दस्तावेज पुलिस को मिले, जिसे जब्त कर लिया गया। कर्मचारियों से पूछने पर पता चला कि दो महीने से डॉ. पुनीत गुप्ता अस्पताल व घर नहीं आए हैं, जबकि उनके पिता रोज अस्पताल आते हैं।

सीएसपी नसर सिद्दिकी ने बताया कि 50 करोड़ रुपये की आर्थिक गड़बड़ी के मामले में फरार चल रहे डॉ. गुप्ता की तलाश में गोलबाजार और मौदहापारा टीआइ संजय पुढ़ीर, राहुल तिवारी के साथ पुलिस बल ने गुरुवार को शाम 4 बजे जीबीजी किडनी सेंटर में छापा मारा। देर शाम तक तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने ढेरों दस्तावेज जब्त किए।

गौरतलब है कि डॉ. पुनीत गुप्ता को 27 मार्च को गोलबाजार पुलिस ने बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। उन्होंने वकील के माध्यम से अस्वस्थ होने का हवाला देकर 20 दिन का समय मांगा था, लेकिन पुलिस ने नहीं दिया। अब उनकी तलाश तेज कर दी गई है। शुक्रवार को पुलिस डीकेएस जाकर जब्त दस्तावेजों का मिलान करेगी। इसके अलावा डॉ. पुनीत के सीएम हाउस के पास स्थित मकान की भी तलाशी लेने की तैयारी की गई है।

कोर्ट में दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा- डॉ. रमन सिंह

समधी डॉ. जीबी गुप्ता की क्लीनिक व घर में पुलिस की छापेमारी पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मीडिया कर्मियों से चर्चा करते हुए कहा-मुझे लगता है एक प्रकार की राजनीतिक दृष्टि से बदनाम करने की साजिश है। कोई तथ्य, प्रमाण नहीं है। मामला न्यायालय में जाएगा, सब प्रमाणित हो जाएगा। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। कांग्रेस सरकार के कहने पर एफआइआर दर्ज की गई है।