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साइकिल के नीचे आए चूजे को अस्पताल लेकर पहुंचा मासूम, 10 रुपये देकर बोला- इसे ठीक कर दो

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 बच्चे सबसे अधिक मासूम और साफ दिल के होते हैं। इंसान हो या जानवर हर किसी के लिए उनके दिल में दया भाव होता है। इसका ही एक उदाहरण मिजोरम के साईरांग में देखने को मिला जहां एक नन्हा बच्चा एक मुर्गी के घायल चूजे को लेकर अस्पताल पहुंचा। उसके पास चूजे के इलाज के लिए सिर्फ 10 रुपये थे और आंखों में उसे न बचा पाने का डर। इंसानों के अस्पताल में चूजे को इलाज के लिए ले आना वो भी हाथ में सिर्फ 10 रुपये लेकर। ऐसे में अस्पताल में कोई उसकी मासूमियत पर मुस्कुरा दिया तो कोई बच्चे का ऐसा साफ दिल देखकर भावुक हो गया।

दरअसल पड़ोसी की वह चूजा भूल से बच्चे की साइकिल के नीचे आ गया था। बच्चे ने घबराकर उसे तुरंत उठाया और दौड़कर पास के अस्पताल में पहुंचा। जेब में केवल 10 रुपये थे। अस्पताल के स्टाफ को चूजा और पैसे थमाते हुए कहा – इसे ठीक कर दो। बच्चे की वायरल हो रही तस्वीर में दिखाई पड़ रहा है कि शायद चूजा मर चुका है लेकिन मासूम बच्चा इससे अंजान है और उसे बचाने की उम्मीद लिए चला आया है। बच्चा इतना छोटा है कि उसे ये भी नहीं मालूम कि पशुओं का अस्पताल अलग होता है।

पाप के बोझ तले दबा जा रहा था मासूम

कई बार रोड रेज के मामले सामने आते हैं जिसमें पुलिस से बचने के लिए लोग गलती से हुए एक्सीडेंट के बाद भाग निकलते हैं। यहां तक कि कई बार किसी को गाड़ी से उड़ा देने पर भी उसे सड़क पर तड़पता छोड़ जाते हैं। लेकिन यहां इस बच्चे की तस्वीर में साफ दिख रहा है कि गलती से चूजे की ये दशा कर देने के पाप को उसका मासूम दिल ढो नहीं पा रहा। वह अपनी इस भूल को किसी तरह सुधारना चाहता है।

वायरल फोटो पर आ रहे खूबसूरत कमेंट

इस तस्वीर को सांगा सेज नाम के फेसबुक अकॉउंट से शेयर किया गया है और साथ में पूरी घटना के बारे में लिखा है। ये पोस्ट अब तक 84 हजार से ज्यादा बार शेयर हो चुका है जबकि 8.5 हजार के करीब इसपर कमेंट हैं। फोटो में बच्चे के चहरे के भाव किसी का दिल पिघलाने के लिए काफी हैं। लोग कमेंट में कहा रहे हैं कि देखो कैसे नन्हें बच्चे को अपनी जिम्मेदारी का अहसास है जो हममे से किसी को नहीं होता।