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छत्तीसगढ़ : शास्त्रीय नृत्य में योगदान के लिए शालू जिंदल हुईं एकलव्य पुरस्कार से सम्मानित

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रायगढ़। सुप्रसिद्ध कुचिपुड़ी नृत्यांगना और जेएसपीएल फाउंडेशन की सह अध्यक्ष शालू जिंदल को भारतीय शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2019 के एकलव्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सिंगापुर में हुए भव्य समारोह में पद्मविभूषण शिल्पगुरु रघुनाथ महापात्रा ने ओडिशी नृत्य गुरु डाॅ. इलियाना सिटारिश्ती और लस्यकला डांस विजन की संस्थापक शाश्वत जोशी की उपस्थिति में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार श्रीमती जिंदल को प्रदान किया। बता दें कि यह पुरस्कार का 11वां वर्ष है।

शालू जिंदल वर्षों से शास्त्रीय नृत्य की कुचिपुड़ी विधा की साधना करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए समर्पित होकर प्रयास कर रही हैं। भारतीय शास्त्रीय नृत्य के विभिन्न रूपों की खोज कर भारत और पूरी दुनिया के सामने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करने के उद्देश्य से ही उन्होंने जिंदल आर्ट इंस्टीट्यूट की स्थापना की है। जेएसपीएल फाउंडेशन की सह-अध्यक्ष के रूप में शालू जिंदल जेएसपीएल के संचालन क्षेत्रों और आसपास में स्थानीय जनजातीय कला, संस्कृति और खेलों को बढ़ावा देने में जुटी हुई हैं। उनके मार्गदर्शन में कंपनी स्थानीय ललित कलाओं और नृत्य विधाओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य को हासिल करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रही है। इससे पहले श्रीमती जिंदल को इंडियन कौंसिल फाॅर यूएन रिलेशंस द्वारा डांस कैटेगरी में इंटरनेशनल वुमंस डे अवार्ड, राजीव गांधी एक्सीलेंस अवार्ड, भारतीय शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और सर्वश्रेष्ठ नृत्य कला के लिए कला करात पुरस्कार, क्रिएटिव आर्ट सहित अन्य कला क्षेत्रों में योगदान के लिए आर्टिस्ट आॅफ द ईयर अवार्ड सहित विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

उल्लेखनीय है कि एकलव्य पुरस्कार, संगीत रत्न शाश्वत जोशी और लस्यकला द्वारा गुरू-शिष्य परंपरा के प्रति एक आदरांजलि है। यह गुरू को नमन करते हुए सफलता के शिखर तक पहुंचाने के लिए उनका आभार जताने का एक माध्यम है। यह शास्त्रीय नृत्य उत्सव के साथ ही वर्तमान समय में गुरू-शिष्य परंपरा को संरक्षित करने का प्रयास है। इस उद्देश्य के साथ ही वर्ष 2009 में इस पुरस्कार की स्थापना की गई थी। वर्ष 2019 में एकलव्य पुरस्कार के लिए शालू जिंदल के साथ ही भरतनाट्यम और मोहिनीअट्टम से सिंगापुर की मल्लिका गिरीश पनिकर और ओडिशी से प्रसिद्ध कोरियोग्राफर सिंगापुर की हीं सस्मिता पाल को चुना गया है।