Home मनोरंजन महबूब खान की ‘मदर इंडिया’ को इसलिए नहीं मिल पाया था आस्कर

महबूब खान की ‘मदर इंडिया’ को इसलिए नहीं मिल पाया था आस्कर

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मुंबई। हिन्दी सिनेमा के महान फिल्म मेकर महबूब खान को लोग सदियों तक याद रखेंगे। आन, अंदाज, अनमोल घड़ी, औरत, अमर, तकदीर, अनोखी अदा और रोटी जैसी शानदार फिल्में देने वाले महबूब खान का 28 मई 1964 को निधन हो गया था। उनके टैलेंट का लोहा पूरी दुनिया ने माना था। खासकर महबूब खान हमेशा अपनी फिल्म मदर इंडिया के लिए जाने जाते रहेंगे। आॅस्कर की चौखट पर पहुंच कर कहां चूक गई थी उनकी फिल्म मदर इंडिया, आइए जानते हैं।

अब तक 3 भारतीय फिल्मों ने बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म की कैटेगरी में आॅस्कर नामांकन हासिल किया है। उसमें से एक है मदर इंडिया। विदेशी भाषा में बनी श्रेष्ठ फिल्म श्रेणी में भारत की ओर से ‘मदर इंडिया’ भेजी गई थी। फिल्म के तकनीकी पक्ष और निर्देशक द्वारा बनाई भावना की लहर से चयनकर्ता प्रभावित थे परंतु उन्हें यह बात खटक रही थी कि पति के पलायन के बाद महाजन द्वारा दिया गया शादी का प्रस्ताव वह क्यों अस्वीकार करती है जबकि सूदखोर महाजन उसके बच्चों का भी उत्तरदायित्व उठाना चाहता है।

दरअसल, चयनकर्ता को यह किसी ने नहीं स्पष्ट किया कि भारतीय नारी अपने सिंदूर के प्रति कितनी अधिक समर्पित होती है। फिल्म भारत के सदियों पुराने आदर्श के प्रति समर्पित थी। आॅस्कर जीतने के लिए फिल्म की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को स्पष्ट करने के लिए वहां एक प्रचार विभाग नियुक्त किया जाना चाहिए था।