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मप्र सरकार के 6 माह : कांग्रेस ने उपलब्धियां गिनाई, भाजपा ने खामियां

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मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को सोमवार को छह माह पूरे हो गए। इस छह माह को कांग्रेस ने जहां उपलब्धियों और हर वर्ग के जीवन में बदलाव लाने वाला बताया है, वहीं भाजपा ने इसे जनता को ठगने वाला करार दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार का राजधानी से लेकर अन्य स्थानों पर कमलनाथ सरकार के छह माह पूरे होने के उपलक्ष्य में उत्सव मनाया। मिठाइयां बांटी, आतिशबाजी की और जमकर नाच-गाना हुआ। जिला मुख्यालयों पर पार्टी नेताओं और मंत्रियों ने पत्रकारवार्ता कर सरकार की उपलब्धियां गिनाई।

कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, ‘राज्य में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दो घंटे के भीतर किसानों की कर्जमाफी का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य के लगभग 20 लाख किसानों की कर्जमाफी मई तक हो चुकी है। किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य 2000 रुपये प्रति कुंटल मिल रहा है।’

उन्होंने बताया, ‘इंदिरा गृह ज्योति योजना के तहत 100 यूनिट की खपत पर 100 रुपये बिजली का बिल देना होगा। इस योजना से 62 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश में 10 हर्स पॉवर तक के कृषि पंपों का बिल आधा किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना की अनुदान राशि भी 51,000 रुपये कर दी गई है, जो पिछली सरकार में मात्र 28,000 रुपये थी। दिव्यांग महिला और सामान्य पुरुष के बीच विवाह को बढ़ावा देने हेतु प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई है।’

उन्होंने राज्य सरकार के फैसलों का ब्यौरा देते हुए बताया, ‘राज्य सरकार ने जहां पिछड़े वर्ग के आरक्षण को बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है, वहीं आíथक रूप से दुर्बल सामान्य वर्ग के नागरिकों के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया है। युवा स्वाभिमान योजना के माध्यम से युवाओं को 100 दिन की रोजगार गारंटी दी गई है। प्रदेश में गोवंश के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए अब तक लगभग 1000 गौशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे ग्रामीणों तथा मजदूरों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।’

उन्होंने बताया, ‘पुलिसकíमयों को सप्ताह में एक दिन अवकाश का प्रावधान किया गया है। उनका आवास भत्ता बढ़ाकर 5,000 रुपये करने के प्रयास शुरू हो चुके हैं। शासकीय सेवकों को जनवरी 2019 से देय महंगाई भत्ते की स्वीकृति दी गई है। कमलनाथ सरकार ने उद्योग नीति में संशोधन कर मध्यप्रदेश में लगने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार देना अनिवार्य कर दिया है।’

लेकिन भाजपा ने कमलनाथ सरकार के छह माह के कार्यकाल को ठगने वाला बताया है। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘छह महीनों में कमलनाथ सरकार ने प्रदेश की जनता को छठी का दूध याद दिला दिया है। न बेरोजगार युवाओं को चार हजार रुपये भत्ता मिला है और न किसानों का कर्ज माफ हुआ है। प्रदेश में बिजली और कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है। छह महीनों में सिर्फ जनता को ठगने का काम हुआ है। यह सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।’

मिश्रा ने रविवार और सोमवार को सरकार की ओर से जारी विज्ञापनों पर कहा, ‘प्रदेश सरकार ने जय किसान ऋण माफी योजना के बड़े-बड़े विज्ञापन देकर यह स्वीकार कर लिया है कि इन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से 10 दिनों में सारे किसानों का कर्ज माफ करने का झूठ बुलवाया था। किसानों का दो लाख रुपये का कर्ज माफ नहीं हुआ। कुछ किसानों का पांच से 10 हजार रुपये तक ही कर्ज माफ हुआ है। प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित होने वाले किसानों की पूरी सूची नहीं भेजी है। सरकार के इस रवैये से 50 प्रतिशत किसान योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे।’

मिश्रा ने कहा, ‘जब से प्रदेश सरकार बनी है प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अधिकारियों के लगातार तबादलों से अविश्वास का भाव पैदा हुआ है।’

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘प्रदेश में एक भी गौशाला का निर्माण नहीं हो पाया है। घोषणा-पत्र में बेटियों को स्कूटी देने की बात की थी, लेकिन अब तो लैपटॉप पर भी संकट खड़ा हो गया है।’