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छत्तीसगढ़ : विश्वविद्यालयों में खुलेंगा नौकरी का पिटारा, कांग्रेस करेगी आंदोलन, जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल खत्म

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छत्तीसगढ़ में बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर है. छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों में अब नौकरी के बड़े अवसर मिलेंगे. विश्वविद्यालयों में दिसंबर तक यहां कई पदों पर भर्ती की तैयारी सरकार रही है. बीते सोमवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कुलपतियों के साथ बैठक की. बैठक में कुलपतियों ने शिक्षकों और अन्य स्टाफ की कमी का हवाला दिया, जिसके बाद अब भर्ती का निर्णय लिया गया है. विश्वविद्यालयों में भर्ती के पिटारे की इस खबर को मंगलवार को छत्तीसगढ़ के मुख्य अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है.

छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों में नौकरी का पिटारा खुलेगा. उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने मंत्रालय में सोमवार को सभी विश्वविद्यालय के कुलपति, कुल सचिवों की बैठक ली. इसमें मंत्री ने कुलपतियों से सबसे बड़ी समस्या पूछा, तो सभी कुलपतियों ने प्राध्यापकों की कमी बताई. इस पर मंत्री ने तीन दिन में रिक्त पदों की सूची भेजने का निर्देश दिया. मंत्री ने कहा कि वित्त विभाग से अनुमति लेकर दिसंबर तक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इस बार प्राध्यापकों की भर्ती व्यापमं के माध्यम से होगी.

एक जैसी होगी एडमिशन फीस
बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले शिक्षा सत्र से सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में एक जैसा प्रवेश शुल्क होगा. इसमें ऑनलाईन प्रवेश प्रक्रिया में सुधार के लिए अध्ययन समिति बनाने का निर्णय लिया गया. करीब छह घंटे चली बैठक में पटेल ने कहा कि अगले शिक्षा सत्र से विश्वविद्यालयों के परीक्षा परिणाम 15 जून तक घोषित किए जाए. उन्होंने कहा कि आकादमिक कैलेण्डर का अनिवार्य रूप से पालन होना चाहिए. उन्होंने कुलपतियों को परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों का निरीक्षण कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए. अगले शिक्षा सत्र से सभी विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा के लिए एक पोर्टल तैयार किया जाएगा. विश्वविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों में एक तिहाई पद के लिए वित्त विभाग से अनुमति ली जाएगी.

केन्द्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी
प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालते ही मोहन मरकाम ने मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन का एलान कर दिया है. उन्होंने मोदी सरकार पर छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है. मरकाम के नेतृत्व में कांग्रेस का पहला आंदोलन केरोसिन की कटौती के विरोध में होगा। सात जुलाई के बाद कांग्रेस हर जिला मुख्यालय में मोदी सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेगी. सोमवार को मरकाम ने राजीव भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में कहा कि मोदी सरकार ने पहले दाल-भात केंद्रों का चावल आवंटन बंद किया. शक्कर कारखानों से शक्कर का उठान बंद किया. अब करोसिन आवंटन में छत्तीसगढ़ का कोटा कम करके गरीबों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है. इस खबर को नईदुनिया, दैनिक भास्कर, पत्रिका सहित अन्य अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित की है.

जूडा की हड़ताल खत्म

रायपुर के अंबेडकर अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार रात 8.30 बजे हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी. डेढ़ घंटे के भीतर रात 10 बजे जूडो ने अपने-अपने शेड्यूल के अनुसार ड्यूटी ज्वाइन कर ली. उन्होंने मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. आभा सिंह को बाकायदा लिखित में हड़ताल समाप्त करने की सूचना दी. जूडा की मांगें तो पूरी नहीं हुई लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अफसरों के माध्यम से संदेश भेजकर उनकी सभी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया. उसके बाद ही हड़ताल समाप्ति का फैसला लिया गया. इस खबर को भी सभी मुख्य अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है.