Home समाचार ओसामा को खोजने में जिन कुत्तों ने की मदद, वही होंगे दिल्ली...

ओसामा को खोजने में जिन कुत्तों ने की मदद, वही होंगे दिल्ली मेट्रो के रक्षाकवच

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

अब दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की मदद ‘खोज’ कुत्ता करेगा। यह उसी नस्ल का कुत्ता है जो अमेरिकी नेवी सील की उस टीम का हिस्सा था जिसने वैश्विक आतंकी ओसामा बिन लादेन को मारा था। अब इसी प्रजाति का कुत्ता मेट्रो की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मदद करेगा। बेल्जियन मेलिनोस प्रजाति के कुत्ते ‘खोज’ को सीआईएसएफ ने पिछले हफ्ते एक निजी ब्रीडर से खरीदा है। खोज को सीआईएसएफ के बंगलूरू स्थित डॉग ट्रेनिंग सेंटर में 10 महीने की ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि कुत्ते की ट्रेनिंग और उसे खरीदने में एक लाख रुपये का खर्च आया। जिसके कारण यह सीआईएसएफ के डॉग स्कवॉयड का सबसे महंगा सदस्य बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि कुत्ता विस्टोटकों से लैस फिदायिन हमलावरों आदि को पकड़ने में मदद करेगा। कुत्ते को खरीदने और इसकी ट्रेनिंग का खर्च दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने दिया है। बेल्जियन मेलिनोस प्रजाति के कुत्ते उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने यूएस नेवी सील टीम की अल-कायदा के संस्थापक लादेन को एबटाबाद में ढूंढने में मदद की थी।

हालांकि कुत्ते की नस्ल को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ रिपोर्ट में कहा जाता है कि जर्मन शेफर्ड ने यूएस नेवी सील टीम की मदद की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा से पहले बेल्जियम मेलिनोस कुत्ते उस विशेष टीम का हिस्सा थे जो दिल्ली में सुरक्षा जांच के लिए आए थे।

भारत में इन कुत्तों को शिकारियों को पकड़ने के लिए असम में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में इस्तेमाल किया जा रहा है। सीआरपीएफ और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड द्वारा 2011 से ज्यादातर इन्हें माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में प्रयोग किया जाता है। सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुत्ते को नियमित गश्त के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

नक्सल प्रभावित राज्यों में सीआरपीएफ के साथ इस प्रजाति के 500 कुत्तों की नियुक्ति की गई है और लगभग 200 को ट्रेनिंग दी जा रही है। सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक मोसेस दिनाकरन जिनके जिम्मे बंगलूरू के डॉग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का कार्यभार है उन्होंने कहा कि बेल्जियन मेलिनोस अन्य कुत्तों की तुलना में बेहतर हैं।

उन्होंने कहा, ‘बेल्जियन मेलिनोस लगातार 25-30 किलोमीटर चल सकता है। उनकी हमला करने और काटने की क्षमता उन्हें प्रतिद्वंदियों से बेहतर बनाती है। वह कई तरह के काम में अच्छे हैं। अब तक 250 से अधिक मामलों में हमारे कुत्तों ने हमें घात लगाकर हमला करने, आईईडी, संदिग्धों और हथियारों का पता लगाने में मदद की है। इनमें से 170 से अधिक बेल्जियन मेलिनोस थे।’