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इलेक्शन के फंड का 90% हिस्सा सिर्फ एक पार्टी के पास – मनमोहन सिंह का आरोप

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पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने रविवार को आरोप लगाया कि केवल एक पार्टी के पास 90 प्रतिशत चुनावी धनराशि है और कहा कि चुनावों के राज्य वित्त पोषण पर चर्चा करने का समय आ गया है.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता इंद्रजीत गुप्ता के जन्म शताब्दी समारोह के दौरान संबोधित करते हुए, मनमोहन सिंह ने कहा, ‘मुझे उनकी अध्यक्षता वाली समिति का सदस्य बनने का सौभाग्य मिला. उन्होंने चुनाव में राज्य के वित्त पोषण की भूमिका के लिए तर्क दिया. आज, जब केवल एक पार्टी के पास चुनाव निधि का 90 प्रतिशत तक पहुंच है, ऐसे विचारों पर चर्चा करने और विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है.

मनमोहन सिंह बोले- एएनआई के अनुसार पूर्व प्रधान मंत्री ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री के एक सांसद के रूप में उनके योगदान के बारे में बताते हुए, कहा ‘इंद्रजीत गुप्ता जी के व्यापक रूप से उद्धृत विद्वानों में से एक चुनाव की फंडिंग पर उनकी रिपोर्ट थी.’ सिंह, इंद्रजीत गुप्ता की अध्यक्षता वाली एक संसदीय समिति द्वारा प्रकाशित चुनावी फंडिंग पर एक रिपोर्ट का उल्लेख कर रहे थे.

गुप्ता ने 1996 से 1998 तक प्रधान मंत्री एच डी देवेगौड़ा और आई के गुजराल की सरकारों के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में कार्य किया.

पिछले कुछ वर्षों में, भारतीय जनता पार्टी को दान कई गुना बढ़ गया है. इस वर्ष की शुरुआत में, यह बताया गया था कि बीजेपी को छह राष्ट्रीय दलों के मुकाबले 13 गुना अधिक दान प्राप्त हुआ. इस अवधि के दौरान, प्रमुख राजनीतिक दलों को कुल दान 469.89 करोड़ रुपये था.

हालांकि, बीजेपी को अकेले 437.04 करोड़ रुपये मिले. शेष छह राजनीतिक दलों – कांग्रेस, बीएसपी, एनसीपी, सीपीआई, सीपीआई-एम और तृणमूल कांग्रेस को केवल 32.83 करोड़ रुपये मिले.

एडीआर ने कॉर्पोरेट डोनेशन पर एक रिपोर्ट भी तैयार की और पाया कि सत्तारूढ़ बीजेपी को राजनीतिक दलों को कुल 985.1 करोड़ रुपयों में से 915.5 करोड़ रुपये मिले. कांग्रेस को सिर्फ 55.3 करोड़ रुपये मिले. बीजेपी नए-नवेले चुनावी बांड की सबसे बड़ा लाभार्थी भी है.

खबरों के मुताबिक, बीजेपी 2017-18 में चुनावी बांड के माध्यम से 215 करोड़ रुपये में से 210 करोड़ रुपये मिले. बाकी पांच करोड़ रुपये कांग्रेस को मिले.

इस हफ्ते, बसपा अध्यक्ष मायावती ने बीजेपी से हाल ही में संपन्न चुनावों के दौरान प्राप्त धन के स्रोत का खुलासा करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि चुनावों के दौरान बीजेपी को अपने बैंक खातों में 2,000 करोड़ रुपये मिले. उन्होंने आरोप लगाया था कि ‘लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि किसने पैसा दिया और हर कोई इसके स्रोत को जानना चाहता है,’