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लोगों ने पूछा- क्या ये है पुलिस का काम, जब SP ने दबाए कांवड़िये के पैर

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उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों की ‘कांवड़िया भक्ति’ सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.

सावन के महीने में जारी कांवड़ यात्राओं के बीच पुलिस अधिकारियों के ऐसे वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहे हैं जहां अधिकारी कांवड़ यात्रियों के पैर दबाते और हेलीकॉप्टर से उन पर फूल बरसाते दिख रहे हैं.

कुछ सोशल मीडिया यूज़र पुलिस अधिकारियों की इन तस्वीरों की सराहना कर रहे हैं तो कुछ इन पर सवाल उठा रहे हैं.

सबसे ज़्यादा चर्चा उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडेय के एक वीडियो को लेकर हो रही है.

शामली पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर जारी इस वीडियो में एसपी अजय कुमार पांडेय एक कांवड़ यात्री के पैरों की मसाज करते दिख रहे हैं.

इस वीडियो के वायरल होने के बाद जब सवाल उठे तो एसपी पांडेय ने कहा, “ये वीडियो एक हेल्थ कैंप का है. मुझे इस कैंप की शुरुआत के लिए बुलाया गया था. कैंप का उद्घाटन करने के बाद मैंने तीर्थयात्रियों की सांकेतिक सेवा के लिए ऐसा किया.”

उन्होंने आगे कहा, “एक पुलिस अधिकारी के तौर पर कानून व्यवस्था को बनाए रखना और यहां रुकने या फिर यहां से गुजरने वाले लोगों की बेहतर सेवा हो, ये ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है. मैं अपने सहकर्मियों को संदेश देना चाहता था कि हमारा काम सिर्फ़ सुरक्षा देना नहीं. हमें अपने लोगों की सेवा भी करनी चाहिए.”

इसके पहले शामली के एसपी की कांवड़ यात्रा पर फूल बरसाने की तस्वीर सामने आई थी.

उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी ज़ोन के ट्विटर हैंडल से भी एक वीडियो जारी किया गया जिसमें अधिकारी कांवड़ यात्रियों पर फूल बरसाते दिख रहे हैं.

कई सोशल मीडिया यूज़र ऐसे वीडियो और तस्वीरों के लेकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कुछ यूज़र पुलिस के जज़्बे की तारीफ़ कर रहे हैं तो कुछ सवाल भी उठा रहे हैं.

सूर्य प्रताप सिंह नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा है, “शर्मनाक दृश्य….पुलिसिंग न करके ये सब। मज़ाक बना के रख दिया है, व्यवस्था का.”

जाहिद परवेज़ नाम के एक ट्विटर यूज़र ने सवाल किया है, “ये पुलिस का काम है या फिर योगी भक्ति है?”

आशीष जोशी के नाम से बने ट्विटर अकाउंट से पुलिस को सलाह दी गई है कि मसाज देने की बजाए उन्हें लिंचिंग रोकने के लिए क़दम उठाने चाहिए.

पत्रकार सौरभ शुक्ला ने भी सवाल उठाया तो उन्हें आशुदीप सिंह नाम के एक ट्विटर यूज़र ने जवाब दिया और एसपी पांडेय की ‘सेवाभावना’ का समर्थन किया.

कई दूसरे सोशल मीडिया यूज़र भी पुलिस अधिकारियों की ‘कांवड़िया भक्ति’ की तारीफ़ कर रहे हैं.