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व्यापम से भी बड़ा डंपर घोटाला, मंत्री ने किया दोबारा जांच की मांग

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मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले की जांच के बीच डंपर घोटाले का जिन्न बाहर निकल आया है. सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह ने डंपर घोटाले को व्यापम से भी बड़ा करार देते हुए इसकी दोबारा जांच की मांग की है. वहीं बीजेपी इसे बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई करार दे रही है. व्यापम घोटाले की फाइलें दोबारा खोले जाने की खबरों के बीच डंपर घोटाले को लेकर भी आवाज उठाई जाने लगी है. मध्य प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री गोविंद सिंह ने संकेत दिए हैं कि व्यापम के साथ अब सरकार डंपर घोटाले की जांच भी दोबारा शुरू कर सकती है. गोविंद सिंह की मानें तो डंपर घोटाला व्यापम से भी बड़ा घोटाला है और इसकी जांच होनी ज़रूरी है.

कांग्रेस का आरोप है कि डंपर घोटाला सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़ा हुआ है. लिहाजा गोविंद सिंह का बयान सामने आते ही बीजेपी आगबबूला हो गई है. बीजेपी की मानें तो कांग्रेस बदले की भावना से काम कर रही है. मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि उनकी मांग है कि व्यापमं की जांच प्रभावी तरीके से हो और साथ ही डंपर घोटाले की जांच की शुरुआत भी की जाए.

वहीं बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार लगातार आरोप और प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार दोषी पहले तय कर रही है. कांग्रेस के लोग निष्कर्ष पहले निकाल रहे हैं और जांच कराने की बात बाद में कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह वही कांग्रेस है जिसे न न्यायालय पर भरोसा है और न ही जांच एजेंसी पर भरोसा है. इनके अनुसार इन्होंने जो कह दिया वही सही है.

बता दें कि डंपर घोटाले को कांग्रेस के तत्कालीन मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने जोर शोर से उठाया था और इसे लेकर कानूनी लड़ाई भी लड़ी. लेकिन घोटाले में लोकायुक्त अपनी जांच कर चुकी है और हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक से केके मिश्रा की याचिका खारिज हो चुकी है. ऐसे में घोटाले की दोबारा जांच का जुमला बीजेपी के नेताओं को घेरने की कहीं सियासी बयानबाजी भर तो नहीं है.